Baghpat Murder Case: उत्तर प्रदेश के बागपत में एक पति ने पत्नी के जन्मदिन से पहले ही खौफनाक साजिश रच उसकी जान ले ली. साजिश में आपनी मासूम को मोहरा बनाया. पति ने बेटी से मां को फोन कराया. बेटी ने फोन पर मां से कहा- 'मां आपको मेरी याद नहीं आती'. बेटी की जुबान से ये शब्द सुनते ही मनीषा बेंगलुरु से बागपत चली आई. वो बच्चों के साथ 24 जून को अपना बर्थडे सेलिब्रेट करने की योजना के साथ आई थी. वो बेटी से मिलने के लिए बहुत एक्साइटेड थी. पर उसे क्या पता था कि जिस घर में वो इतनी सारी खुशियां समेटने जा रही है वहां मौत उसका इंतजार कर रही है. जैसे ही मनीषा घर में एंटर हुई तो पति उसपर टूट पड़ा. उसने साइकिल से चेन से बने एक हथियार की मदद से पत्नी का बेरहमी से कत्ल कर दिया.
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बागपत के चांदीनगर थाना इलाके के खैला गांव की इस घटना ने सनसनी फैला दी है. साथ ही पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते को भी शर्मसार कर दिया है. 8 साल पहले जो राहुल भाटी मनीषा ठाकुर के बिना एक पल भी नहीं रह पाता था. मनीषा भी राहुल को पाने के लिए अपना सबकुछ कुर्बान करने को तैयार थी, फिर इस प्यार को किसकी नजर लग गई? दोनों के बीच ऐसा क्या हुआ कि पति ने पत्नी का जन ही ले ली. इस कहानी में आपको हरिद्वार ले चलते हैं क्योंकि मनीषा और राहुल भाटी की पहली मुलाकात वहीं हुई थी.
हरिद्वार में मिले दोनों और हो गया प्यार
करीब 8 साल पहले ऑटोरिक्शा चलाने वाले राहुल भाटी की मुलाकात मनीषा ठाकुर से हुई. पहले बात हुई...फिर बातें होने लगीं और कब प्यार हो गया पता भी नहीं चला. दोनों शादी करने की ठान ली. दोनों ने 7 फेरे लेकर 7 जन्मों तक साथ निभाने की कसमें खाईं और राहुल के गांव बागपत आकर रहने लगे. इस दौरान दोनों को एक बेटा और बेटी हुई. अब बच्चों की परवरिश और घर चलाने की चुनौतियों ने जब परेशान किया तो दोनों बच्चों को लेकर दिल्ली आ गए. दिल्ली में राहुल ऑटोरिक्शा चलाने लगा और मनीषा एक निजी कंपनी में काम करने लगी. पारिवारिक परिस्थितियों के चलते मनीषा और राहुल की बेटी अपनी दादी के पास बागपत रहने लगी. मनीषा ने बेंगलुरु की एक कंपनी में अच्छी सैलरी पर नौकरी कर ली और वो बेटे के साथ वहीं जाकर रहने लगी. इधर राहुल हरिद्वार वापस चला गया और ऑटोरिक्शा चलाने लगा.
शक की आग में जलने लगा राहुल
राहुल को अब शक होने लगा कि मनीषा का बेंगलुरु में किसी के साथ चक्कर है और वो उसके साथ ही रहती है. इस बात को लेकर दोनों में आए दिन बहस होती थी. झगड़े होते थे. दोनों के बीच रिश्तों में शक के बीज ने बरगद बनना शुरू कर दिया था. राहुल परेशान रहने लगा. अब उसने खौफनाक साजिश रची. उसने बेटी से फोन मां को फोन कराया ताकि वो तुरंत चली आए. हुआ भी ऐसा ही.
24 जून को था मनीषा का बर्थडे
24 जून को मनीषा का बर्थडे था. बेटी की यादों ने उसे बेचैन किया तो वो बेटे के साथ बागपत चली आई. जन्मदिन के 4 दिन पहले बागपत चली आई. जानकारी के मुताबिक मनीषा जैसे ही आई राहुल से उसका विवाद हो गया. विवाद के केंद्र में राहुल के शक की लिव-इन वाली कहानी. मामला इतना बढ़ा कि राहुल की साइकिल की चेन से बने हथियार से मनीषा पर कई बार किए. उसने तब तक वार किया जब तक कि उसकी मौत नहीं हो गइ.
शव को छुपाने की कोशिश, फिर टूट गया राहुल
मनीषा की मौत के बाद राहुल हड़बड़ा गया. उसने शव को छुपाने के लिए प्लास्टिक के बैग में पैक किया, लेकिन जल्द ही वो टूट गया. उसने पुलिस को फोन कर खुद ही इस हत्याकांड के बारे में बता दिया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने आरोपी पति को BNS की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है.
बहन बोली- जीजा ने मार डाला
मृतका की बहन शिवानी ठाकुर ने कहा- 'मेरी बहन को मेरे जीजा ने मार डाला, बेटी से फोन कराकर बुलाया फिर उसकी हत्या कर दी. साइकिल चैनसेट से मारा गया. हमारे पास फोन आया था तब हमें जानकारी मिली. वो जन्मदिन मनाने आई थी.'
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