Barabanki News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत से एक बेहद अनूठी और दिल को छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है. कानून की चौखट पर जंग लड़ रहे एक बुजुर्ग दंपत्ति के बीच का 1 साल पुराना विवाद ना केवल हमेशा के लिए खत्म हो गया, बल्कि दोनों ने कोर्ट परिसर में ही एक-दूसरे को जयमाला पहनाकर नई शुरुआत की. 80 साल के मेवालाल और 75 साल की फूलमती के इस अनोखे मिलन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
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पत्नी ने अदालत में दायर केस
मामला बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र के एक गांव का है. 80 वर्षीय मेवालाल और उनकी 75 वर्षीया पत्नी फूलमती के बीच छोटी-छोटी पारिवारिक बातों को लेकर मनमुटाव शुरू हो गया था. विवाद इतना बढ़ा कि दोनों अलग-अलग रहने लगे और दोनों के बीच बातचीत भी बंद हो गई. तंग आकर फूलमती ने साल 2025 में पति मेवालाल के खिलाफ अदालत में गुजारा भत्ते (भरण-पोषण) का मुकदमा दायर कर दिया.
लोक अदालत में हुई सुलह, पति ने पत्नी के नाम की जमीन
शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान हाई कोर्ट लखनऊ बेंच के जस्टिस सुभाष विद्यार्थी और जिला जज प्रतिमा श्रीवास्तव की मौजूदगी में इस मामले को सुनवाई के लिए रखा गया. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उज्जवल उपाध्याय और शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र श्रीवास्तव के प्रयासों से दोनों पक्षों के बीच सुलह का रास्ता निकाला गया.
समझौते की शर्त के अनुसार, मेवालाल ने अपनी चार बिसवा जमीन आधिकारिक तौर पर पत्नी फूलमती के नाम हस्तांतरित कर दी. जमीन नाम होने और गुजारे की व्यवस्था होने के बाद फूलमती ने भी अपना मुकदमा वापस लेने पर रजामंदी दे दी.
अदालत परिसर बना शादी का मंडप, पहनाई जयमाला
मुकदमा समाप्त होने के बाद शनिवार शाम करीब 4 बजे कोर्ट परिसर में बेहद खुशनुमा माहौल बन गया. 80 साल के मेवालाल ने 75 साल की फूलमती को जयमाला पहनाई और दोनों के चेहरे पर मुस्कान तैर गई. वहां मौजूद वकीलों, अधिकारियों और फरियादियों ने तालियां बजाकर इस सुखद अंत का स्वागत किया.
राष्ट्रीय लोक अदालत का मूल उद्देश्य भी यही है कि आपसी सहमति और सुलह के माध्यम से पुराने पारिवारिक और कानूनी विवादों का निस्तारण कराया जाए. बाराबंकी की इस घटना ने साबित कर दिया कि कानूनी जंग से बड़ा अपनों का प्यार और आपसी समझ होती है.
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