पहले ₹300, अब हजारों का बिल!... भदोही के ऑटो चालक के घर स्मार्ट मीटर लगने के बाद आया इतना बिजली बिल कि उड़ गए उनके होश

Smart Meter Bill News: उत्तर प्रदेश के भदोही में स्मार्ट मीटर लगने के बाद आम जनता त्रस्त है. मामूली बकाए पर बिजली गुल होना और बिल का 10 गुना तक बढ़ जाना अब रोज की बात हो गई है. ऑटो चालक से लेकर व्यापारियों तक, हर कोई इस नई 'स्मार्ट' व्यवस्था को 'लूट' का मीटर बताकर पुराने मीटर वापस मांग रहा है.

Smart Meter Bill News:
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महेश जायसवाल

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Bhadohi News; उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग द्वारा लगाए गए स्मार्ट मीटर अब जनता के लिए जी का जंजाल बन गए हैं. ताजा मामला भदोही जिले का है. यहां स्मार्ट मीटर लगने के बाद लोगों के बिजली बिलों में अप्रत्याशित उछाल आया है. जिस घर का बिल पहले ₹300 आता था वहां अब ₹5000 का बिल पहुंच रहा है. आलम यह है कि लोग बिजली दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं और सिस्टम की सुस्ती ऐसी कि पैसा जमा करने के बाद भी लाइट नहीं आ रही.

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मामूली बकाए पर गुल हो रही बत्ती

भदोही के निवासी सोनू सिंह की कहानी बेहद चौंकाने वाली है. उन्होंने बताया कि पहले उनका बिल ₹1800-2000 के आसपास रहता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह बढ़कर ₹5000 तक पहुंच गया है. हद तो तब हो गई जब महज ₹667 का बैलेंस माइनस में होने पर बिजली काट दी गई. सोनू ने तुरंत ₹1200 का रिचार्ज किया, लेकिन पैसे कटने के बाद भी घंटों अंधेरा रहा और मोबाइल पर बार-बार कनेक्शन काटने के मैसेज आते रहे. भीषण गर्मी में यह तकनीकी खामी उपभोक्ताओं के लिए सजा बन गई है.

गरीबों और मजदूरों पर दोहरी मार

चकटोडर ग्राम सभा के रहने वाले लालमणि, जो पेशे से ऑटो चालक हैं, उनकी व्यथा सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए. लालमणि की पत्नी पैरालाइज्ड हैं और वह किसी तरह घर का गुजारा कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि पहले उनका बिल ₹250 से ₹300 आता था. लेकिन अब उनके हाथ में ₹17,000 का बकाया बिल थमा दिया गया है और हर महीने बिल ₹1000 से ऊपर आ रहा है.  एक गरीब ऑटो चालक के लिए इतनी बड़ी रकम चुकाना असंभव है.

व्यापारियों ने बताया 'लूट का मीटर'

सिर्फ घरेलू उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि छोटे दुकानदार भी इस प्रीपेड व्यवस्था से परेशान हैं. कपड़ा व्यापारी शिवम शुक्ला और राम बहादुर यादव का कहना है कि मामूली बकाए पर बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काट दी जाती है. दुकानदारी छोड़कर उन्हें बिजली दफ्तर की चौखट नापनी पड़ रही है. व्यापारियों का साफ कहना है कि यह स्मार्ट मीटर नहीं बल्कि 'लूट का मीटर' है. 

पुराने मीटर की वापसी की मांग

भीषण गर्मी के इस दौर में स्मार्ट मीटर का 'ऑटो कट' फीचर जनता के लिए आफत बन गया है. तकनीकी खामियों और महंगे बिलों के बीच पिस रहा आम आदमी अब सिस्टम से जवाब मांग रहा है. भदोही के उपभोक्ताओं की बस एक ही मांग है कि इन स्मार्ट मीटरों को हटाकर पुराने जनरल मीटर लगाए जाएं. हालांकि सरकार ने फिलहाल नए स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी है, लेकिन जिनके घरों में यह पहले से लगे हैं, उनकी परेशानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. 

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