'मैं ब्राह्मण हूं, चोटी रखी है... इसलिए मुझे मारा', चंद्रशेखर की रैली में यूट्यूबर ने लगाया गंभीर आरोप

Bhim Army protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के दिल्ली कूच के दौरान उस समय हंगामा मच गया जब प्रदर्शन को कवर कर रहे एक यूट्यूबर ने मारपीट का आरोप लगाया. पीड़ित ने दावा किया कि चोटी रखने और ब्राह्मण होने की वजह से उसे निशाना बनाया गया, जबकि भीम आर्मी समर्थकों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए यूट्यूबर्स पर आंदोलन को भड़काने का आरोप लगाया.

Bhim Army protest Delhi
Bhim Army protest Delhi

गौरव कुमार पांडेय

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भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद के दिल्ली कूच के दौरान जंतर-मंतर पर भारी हंगामा देखने को मिला. यूजीसी रेगुलेशंस के समर्थन में बुलाए गए इस महा-आंदोलन में उस वक्त तनाव चरम पर पहुंच गया, जब प्रदर्शन कवर कर रहे यूट्यूबर्स और भीम आर्मी समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई. यह झड़प महज बहस तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें जमकर लात-घूंसे और कुर्सियां भी चलीं. इस पूरे वाकये के दौरान सबसे गंभीर मोड़ तब आया जब इसमें जातीय पहचान और धार्मिक प्रतीकों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए.

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'चोटी और जाति की वजह से हुई पिटाई' 

मारपीट का शिकार हुए एक यूट्यूबर ने कैमरे पर अपना दर्द बयां करते हुए बेहद गंभीर आरोप लगाए. उसने दावा किया कि भीड़ ने उसे केवल इसलिए निशाना बनाया क्योंकि उसने चोटी रखी हुई थी और वह एक विशेष समुदाय (ब्राह्मण) से ताल्लुक रखता है. पीड़ित का कहना था, 'वो लोग कह रहे हैं कि मैंने चोटी रखी है, मैं ब्राह्मण हूं, इसलिए मुझे मार रहे हैं.' यूट्यूबर ने आरोप लगाया कि आंदोलन की आड़ में उसे उसकी पहचान के कारण प्रताड़ित किया गया और जबरन प्रदर्शन स्थल से बाहर खदेड़ा गया.

भीम आर्मी समर्थकों का पलटवार

दूसरी ओर, मौके पर मौजूद भीम आर्मी के समर्थकों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए यूट्यूबर्स पर ही माहौल खराब करने का आरोप मढ़ा. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ये लोग पत्रकारिता की आड़ में जानबूझकर उकसाने वाले सवाल पूछ रहे थे. एक समर्थक ने कहा, 'ये ब्राह्मण अक्ल के लड़के आंदोलन को बदनाम करने आए हैं. ये भीड़ को 'पेड पब्लिक' बता रहे हैं और पूछ रहे हैं कि क्या बहुजन समाज सुधर गया?' समर्थकों का तर्क था कि पिटाई की वजह जाति नहीं, बल्कि यूट्यूबर्स द्वारा की गई बदतमीजी और आंदोलन को विफल करने की साजिश थी.

तनाव के बीच चंद्रशेखर की हुंकार

जिस वक्त जंतर-मंतर की सड़कों पर यह जातीय तनाव और मारपीट चल रही थी, उस वक्त चंद्रशेखर आजाद मंच से आरक्षण और दलित अधिकारों पर भाषण दे रहे थे. हैरानी की बात यह रही कि मौके पर दिल्ली पुलिस के सैकड़ों जवान तैनात थे, लेकिन वीडियो में साफ दिख रहा है कि भीड़ के उग्र होने के बावजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रही. भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि कुछ शरारती तत्व शांतिपूर्ण आंदोलन को खराब करने के लिए घुसे थे, जिन्हें समर्थकों ने बाहर निकाला.

यहां देखें वीडियो

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