यूपी चुनाव से पहले बीजेपी का मास्टरस्ट्रोक, पश्चिमी और ब्रज क्षेत्र में एससी मोर्चा के नए जिलाध्यक्षों का ऐलान, देखें पूरी लिस्ट

आशीष श्रीवास्तव

• 10:14 AM • 12 Oct 2026

आगामी चुनावों को देखते हुए बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और ब्रज क्षेत्रों में अपनी सियासी पकड़ मजबूत करने के लिए एससी मोर्चा के नए जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों की घोषणा कर दी है.

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UP Election 2026: आगामी चुनावों को देखते हुए उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है. चुनावी तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन को और अधिक धार देनी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में पार्टी के अनुसूचित जाति (एससी) मोर्चा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और ब्रज क्षेत्र के कई अहम जिलों व महानगरों में नए जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान कर दिया है.

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एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक रावत की ओर से जारी इस नई सूची में मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, मुरादाबाद और आगरा जैसे सियासी रूप से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं. पार्टी का यह कदम जमीन पर अपनी पकड़ को और मजबूत करने और चुनावी रणनीति को अमलीजामा पहनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है.

पश्चिमी यूपी में इन्हें मिली कमान

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों और महानगर इकाइयों की जिम्मेदारी नए चेहरों के कंधों पर डाली गई है:

  • रामपुर: सुशील दिवाकर
  • मुरादाबाद जिला: रविन्द्र सिंह रैदास
  • मुरादाबाद महानगर: सिद्धान्त भारती वाल्मीकि
  • अमरोहा: महावीर जाटव
  • बिजनौर: संजय वाल्मीकि
  • सहारनपुर जिला: दुष्यन्त सिंह
  • सहारनपुर महानगर: वरदान घावरी
  • मुजफ्फरनगर: यशवीर सिंह
  • शामली: जगदेव सिंह
  • मेरठ जिला: कुलदीप मसूरी
  • मेरठ महानगर: विनोद जाटव
  • हापुड़: संजय वाल्मीकि
  • बागपत: रविन्द्र आर्य
  • गाजियाबाद महानगर: अमित तिसावर
  • नोएडा महानगर: वेदप्रकाश जाटव
  • गौतमबुद्धनगर: अजय वाल्मीकि
  • बुलंदशहर: राहुल वाल्मीकि

ब्रज क्षेत्र में इन नेताओं पर जताया गया भरोसा

ब्रज इलाके में भी चुनावी समीकरण साधने के लिए बीजेपी ने कई प्रमुख चेहरों को आगे किया है. इस क्षेत्र में जिला और महानगर इकाइयों के लिए निम्नलिखित नियुक्तियां हुई हैं:

  • आगरा जिला: सोनू दिवाकर
  • आगरा महानगर: हर्ष दिवाकर
  • मथुरा जिला: सतीश कुमार वाल्मीकि
  • फिरोजाबाद जिला: अखिलेश मीतम

संगठन को धार देने की पूरी तैयारी

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह के संगठनात्मक फेरबदल का मुख्य उद्देश्य पार्टी की जड़ों को बूथ और जिला स्तर तक और ज्यादा मजबूत करना है. अब इन नवनियुक्त पदाधिकारियों के सामने बड़ी चुनौती होगी कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी के सभी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएं, कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बिठाएं और संगठन को पूरी तरह सक्रिय रखें.

बहरहाल, इन नई नियुक्तियों के बाद अब देखना यह दिलचस्प होगा कि ये तमाम चेहरे मैदान में उतरकर पार्टी की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं और चुनावी वैतरणी पार करने में बीजेपी के लिए कितने मददगार साबित होते हैं.

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