Brijbhushan Sharan Singh on Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा विवाद और वित्तीय अनियमितताओं का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. इस मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी (SIT) लगातार तीसरे दिन भी मुख्य आरोपियों से पूछताछ कर रही है. इसी बीच, बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का इस पूरे घटनाक्रम पर एक बेहद भावुक और तीखा बयान सामने आया है, जिसने यूपी की सियासत में नई बहस छेड़ दी है.
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"जेल हम गए, केस हमने झेला और आज हम परदेसी हो गए"
राम मंदिर आंदोलन के दिनों को याद करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि जो लोग अयोध्या जन्मभूमि आंदोलन की मुख्य रीढ़ थे, वे आज पूरी तरह से आहत हैं. उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, "सीबीआई ने राम मंदिर आंदोलन में सबसे पहले मुझे अरेस्ट किया था. पूरा दर्द हम लोगों ने झेला, सालों तक पूरा केस लड़ा, लेकिन आज हम लोग अपने ही घर में परदेसी हो गए हैं." बृजभूषण सिंह ने आगे कहा कि केवल वह अकेले ही नहीं, बल्कि विनय कटिहार, संतोष दुबे और आंदोलन से जुड़े ऐसे लाखों लोग हैं जो आज के हालात देखकर अंदर से गहरे आहत हैं.
देवीपाटन मंडल को अयोध्या से किया वंचित
बृजभूषण सिंह ने अयोध्या प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए सख्त बैरियरों पर भी भारी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन और जन सहभागिता में अगर सबसे बड़ा सहयोग किसी क्षेत्र का था तो वो देवीपाटन मंडल (गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर) का था. लेकिन आज इसी मंडल के लोगों को अयोध्या से एकदम वंचित कर दिया गया है.
उन्होंने आरोप लगाया कि नवाबगंज और कटरा से लेकर पूरी अयोध्या को इस तरह सील कर दिया गया है कि सदियों से जुड़े आम लोग और श्रद्धालु परेशान हो रहे हैं. कई ऐतिहासिक मंदिरों जैसे 'रंग महल' के सामने आज भी बैरियर लगे हैं, जहां गुरु और शिष्यों की जामा तलाशी ली जाती है, जो कि बेहद आहत करने वाला है.
''2 करोड़ की जमीन 20 करोड़ में बिकी''
मीडिया ने एसआईटी जांच को लेकर जब सवाल कियास तो बृजभूषण सिंह ने कहा कि धुआं ऐसे ही नहीं उठता. उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों पर खुलकर कहा, "यह भी तो सुनने में आ रहा है कि 2 करोड़ की जमीन ली गई और शाम को उसे 20 करोड़ रुपये में बेच दिया गया. लोग इसका दस्तावेज लेकर घूम रहे हैं.''
हालांकि, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकारों पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि दोनों सरकारें इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं. रामलला तो पापियों को बाद में सजा देंगे, लेकिन यह सरकारें किसी भी दोषी को नहीं छोड़ेंगी.
"जल्द होगी FIR, बचेगा कोई नहीं"
वहीं दूसरी तरफ, गोंडा से लोकसभा सांसद करण भूषण सिंह ने भी इस मामले पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि बनने में भी बड़ा समय लगा था, इसलिए इस जांच में भी पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है. उन्होंने दावा किया कि इस मामले में बहुत जल्द एफआईआर (FIR) दर्ज होगी और डबल इंजन की सरकार में किसी भी भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाएगा.
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