Budaun Labhari Village Incident: उत्तर प्रदेश के बदायूं से सामने आए एक वीडियो ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है. जलती हुई झोपड़ी के सामने खड़ी एक लड़की, आंखों में बेइंतहा गुस्सा और जुबान पर बदले की खौफनाक कसम. लड़की कैमरे के सामने चिल्लाते हुए कहती है कि 'अगर फूलन देवी बनकर बदला न लिया और पुलिस-लेखपाल को जेल में पानी न पिलाया तो नाम बदल देना.'
लड़की का आरोप है कि लेखपाल और पुलिस ने घूस लेकर उसके घर को आग के हवाले कर दिया. लेकिन जब बदायूं पुलिस कैमरे के सामने आई, तो उसने ऐसा दावा किया जिसने पूरे केस का पासा ही पलट दिया. पुलिस का कहना है कि कार्रवाई से बचने के लिए खुद लड़की ने अपनी झोपड़ी में आग लगाई थी. आखिर इस जलती झोपड़ी का असली सच क्या है? देखिए यह रिपोर्ट
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'फूलन देवी बनकर बदला लूंगी'-लड़की के तेवर से मचा हड़कंप
यह मामला बदायूं जिले के कादरचौक थाना क्षेत्र के लाभारी गांव का है. यहां जमीनी विवाद की पैमाइश कराने पहुंची राजस्व और पुलिस टीम के सामने अचानक आगजनी हो गई. इसके बाद एक लड़की का आक्रोशित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वह पुलिस प्रशासन को सरेआम 'फूलन देवी' बनकर बदला लेने की धमकी देती नजर आ रही है. लड़की की पहचान लाभारी गांव निवासी आरती उर्फ शिवानी कश्यप के रूप में हुई है. वीडियो में पीछे उसकी झोपड़ी धू-धू कर जलती दिख रही है. शिवानी कश्यप कैमरे के सामने चीखते हुए आरोप लगाती है कि लेखपाल ने 2 लाख रुपये रिश्वत लेकर विपक्षियों और पुलिस के साथ मिलकर उसके घर में आग लगवा दी. उसने गुस्से में कहा, "तुझे मेरी जेल में पानी नहीं पिलाया ना, तो नाम बदल देना. जैसे मेरा घर तूने जलाया है, वैसे ही अब चप्पल से बात करेंगे इनसे. फूलन देवी बनकर बदला लूंगी."
जमीनी विवाद और पैमाइश से शुरू हुआ था बवाल
पुलिस के अनुसार पूरा मामला लाभारी गांव में नन्ही देवी और विपक्षी पक्ष के बीच जमीन की पैमाइश से जुड़ा है. 29 सितंबर को नन्ही देवी की शिकायत पर राजस्व टीम ने पैमाइश कर जमीन पर कब्जा दिलाया था. 30 सितंबर को जब नन्ही देवी ने नीव भरवाई, तो विपक्षी पक्ष ने उसे उखाड़ दिया. इसके बाद 1 अक्टूबर को दोबारा पुलिस बल के साथ राजस्व टीम पैमाइश करने पहुंची, जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई.
पुलिस का दावा: 'कार्रवाई रोकने के लिए खुद लगाई आग'
दूसरी ओर बदायूं पुलिस की कहानी लड़की के आरोपों से बिल्कुल अलग है. पुलिस का दावा है कि जब राजस्व टीम और पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो विपक्षी पक्ष के लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की. इसके बाद पूरी घटना को गलत रूप देने और पुलिस-प्रशासन को फंसाने के लिए उन्होंने खुद ही अपनी झोपड़ी में आग लगा दी और उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर गलत तरीके से फैला दिया.
लेखपाल की तहरीर पर FIR दर्ज, 4 लोग पहुंचे जेल
घटना के बाद हल्का लेखपाल की तहरीर पर कादरचौक थाने में सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया. इसमें से एक महिला को मुचलके पर रिहा कर दिया गया है, जबकि आरती के परिवार के अन्य 4 सदस्यों को सक्षम न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है.
सपा सांसद आदित्य यादव का बड़ा हमला 'निष्पक्ष जांच हो'
इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है. बदायूं से समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच किसी अन्य थाने से कराने की मांग की है. सांसद आदित्य यादव ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह से मिला हुआ है और निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए बाबा साहब द्वारा बनाए गए संविधान की धाराओं का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है. फिलहाल जलती झोपड़ी के सामने दी गई फूलन देवी बनने की कसम का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पुलिस मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है.
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