दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के मुद्दे को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद पूरी तरह से आक्रामक रुख में नजर आ रहे हैं. संसद परिसर में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने अकेले धरने पर बैठने के बाद अब चंद्रशेखर आजाद ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लाइव आकर 25 जुलाई को पूरे उत्तर प्रदेश और देश भर के जिला मुख्यालयों पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है.
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लखनऊ में खुद मोर्चा संभालेंगे चंद्रशेखर आजाद
लाइव संबोधन के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने स्पष्ट किया कि 25 जुलाई को वह खुद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मौजूद रहेंगे और वहां की टीम के साथ मिलकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि सभी अपने-अपने जिलों में ही एकजुट होकर मजबूती से आंदोलन करें और ज्ञापन दें. उन्होंने कहा, "यह लड़ाई सिर्फ किसी एक राज्य की नहीं, बल्कि देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य की लड़ाई है. जब तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती यह संघर्ष जारी रहेगा."
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े आजाद
आपको बता दें कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर पेपर लीक और अन्य मांगों को लेकर जब छात्रों ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की थी, तब पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया था. इसके बाद चंद्रशेखर आजाद देर रात भारी बारिश में संसद भवन में बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए थे. केंद्रीय मंत्रियों के मनाने के बावजूद उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा. 25 जुलाई को आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं के सड़क पर उतरने के ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ना तय माना जा रहा है.
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