उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. लखनऊ के लोक भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, सीएम योगी ने नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं. इस दौरान उन्होंने साफ किया कि उत्तर प्रदेश में अब योग्यता ही नौकरी पाने का एकमात्र पैमाना है.
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9 साल में दीं 9 लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियां
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने दावा किया कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार ने 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं. उन्होंने इसे देश के किसी भी राज्य द्वारा दी गई सर्वाधिक नौकरियां बताया. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इन नियुक्तियों में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया है और आरक्षण के सभी नियमों (हॉरिजॉन्टल और वर्टिकल) का पूरी तरह से पालन हो रहा है.
मुझे खुद नहीं पता होता किसका चयन हुआ है
भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बात करते हुए योगी आदित्यनाथ ने एक दिलचस्प बात कही. उन्होंने कहा, "मैं मुख्यमंत्री हूं, लेकिन मुझे भी नहीं पता होता कि किसका चयन हुआ है या किसे किस विद्यालय में भेजा जा रहा है. यह पूरी प्रक्रिया संबंधित आयोग और एजेंसियां तय करती हैं." उन्होंने आगे बताया कि पूरी भर्ती प्रक्रिया पर सरकार की पैनी नजर रहती है ताकि कहीं भी भ्रष्टाचार या सिफारिश की गुंजाइश न रहे.
डबल इंजन सरकार की विश्वसनीयता का प्रमाण
सीएम योगी ने नवनियुक्त अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि पारदर्शी तरीके से सफल होना उनकी योग्यता और कठिन परिश्रम का फल है. उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार बिना किसी सिफारिश या लेन-देन के समाज के हर तबके को शासन की योजनाओं और नौकरियों का लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है. नवरात्रि के शुभ अवसर पर नियुक्ति पत्र पाकर नर्सिंग अधिकारी और उनके परिवार भी काफी उत्साहित नजर आए.
मुख्यमंत्री का यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जहाँ उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि यूपी में अब 'सिफारिशी राज' खत्म हो चुका है और सिर्फ टैलेंट को ही सम्मान मिल रहा है.
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