CM Yogi on Surya murder case: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिजनौर जिले के बढ़ापुर क्षेत्र में आयोजित एक समारोह में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने गाजियाबाद के चर्चित सूर्या उर्फ सूर्यप्रताप हत्याकांड मामले में भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में दोस्ती या किसी भी अन्य रिश्ते की आड़ में अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई अपनी नालायक औलाद को ससमझा नहीं पा रहा है तो समझो की गलती कर रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार की संवेदनाएं हमेशा आम नागरिकों के साथ हैं, जबकि अपराधियों और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.
ADVERTISEMENT
गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तमाम मौलवी और मौलाना इन दिनों यह बयान दे रहे हैं कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि गौ केवल एक पशु नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और संस्कारों का प्रतीक है. उन्होंने कहा, "गौ हमारी माता है, जन्म-जन्मांतर का नाता है. क्या मां और पुत्र के रिश्ते को किसी घोषणा की आवश्यकता होती है? क्या किसी बेटे को यह बताना पड़ता है कि यह तुम्हारी मां है और इसका सम्मान करो?"
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में माँ के प्रति जो सम्मान का भाव है, वही भाव गौ माता के प्रति भी रखा जाता है. इसलिए गाय को केवल पशु कहना उचित नहीं है. उन्होंने कहा, "हमने गाय को माता माना है, इसलिए वह हमारे लिए माता है. जो लोग गौ माता को केवल पशु कहते हैं, उनकी सोच पशुवत है."
बकरीद वाले दिन की गई सोशल मीडिया पोस्ट पर ये कहा
अपने संबोधन में सीएम योगी ने बकरीद के दिन सोशल मीडिया पर की गई कुछ पोस्टों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बकरीद के दौरान कुछ लोगों ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर गौ माता की तस्वीरों का इस्तेमाल करते हुए पोस्ट साझा की थीं. इस पर उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को अपने समर्थकों और अनुयायियों को समझाना चाहिए. उन्होंने कहा कि गौ माता के साथ किसी भी प्रकार की हिमाकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.
'गौ माता स्वघोषित राष्ट्रमाता है'
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर उन्होंने कहा कि गौ माता को किसी सरकारी या औपचारिक घोषणा की आवश्यकता नहीं है. उनके अनुसार, "गौ माता तो स्वघोषित राष्ट्रमाता है. जैसे किसी को यह बताने की जरूरत नहीं पड़ती कि उसकी माँ कौन है, वैसे ही गौ माता के महत्व को भी किसी घोषणा की जरूरत नहीं है."
गंगा माता का उदाहरण देकर समझाया महत्व
उन्होंने अपने तर्क को आगे बढ़ाते हुए गंगा माता का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि देशभर में लोग गंगा की पूजा करते हैं, उनकी आरती करते हैं और स्वयं को 'गंगा पुत्र' कहकर गौरवान्वित महसूस करते हैं. भारत के अनेक तीर्थ और धार्मिक संस्कार गंगा तट पर संपन्न होते हैं. ऐसे में किसी को यह बताने की आवश्यकता नहीं पड़ती कि गंगा हमारी माता है. यह भावना स्वतः लोगों के संस्कारों में शामिल है.
पाकिस्तान के विस्थापित हिंदुओं का मुद्दा भी उठाया
अपने बयान के अंत में उन्होंने पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न का शिकार हुए हिंदुओं और अन्य विस्थापित परिवारों का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि देशभर में फैले ऐसे विस्थापितों के दर्द पर कई मौलवी और मौलाना कभी खुलकर नहीं बोलते. उन्होंने कहा कि यदि वे उन लोगों की संपत्तियों पर हुए कब्जों और कट्टरपंथियों द्वारा किए गए अत्याचारों के खिलाफ भी आवाज उठाते, तो यह अधिक सकारात्मक पहल होती.
यह भी पढ़ें: सूर्या चौहान मर्डर केस में असद के एनकाउंटर के सूर्या की मां का आया पहला रिएक्शन, सीधे बोलीं..
ADVERTISEMENT


