भारतीय क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे. लंबे समय से लीवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे खानचंद सिंह ने ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में अंतिम सांस ली. वह स्टेज 4 कैंसर से पीड़ित थे और पिछले कई दिनों से वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे. पिता की बिगड़ती हालत की खबर मिलते ही रिंकू सिंह टी-20 वर्ल्ड कप मैच छोड़कर चेन्नई से वापस लौट आए थे, लेकिन अफसोस कि वह अपने पिता को नहीं बचा सके.
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अधूरी रह गई आखिरी ख्वाहिश
खानचंद सिंह के निधन के साथ ही उनकी एक बड़ी ख्वाहिश भी अधूरी रह गई. बताया जा रहा है कि वह अपने बेटे रिंकू सिंह को दूल्हा बनते और मछली शहर की सांसद प्रिया सरोज को बहू के रूप में अपने घर आते देखना चाहते थे. रिंकू और प्रिया की सगाई पिछले साल 8 जून को लखनऊ में हुई थी. आईपीएल और क्रिकेट व्यस्तताओं के कारण शादी की तारीखें बार-बार टलती रहीं. पहले शादी नवंबर 2025 में होनी थी, जिसे बढ़ाकर फरवरी 2026 और फिर जून 2026 तय किया गया था. पिता इस शुभ घड़ी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था.
संघर्षों के 'रियल हीरो' थे खानचंद सिंह
रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता का फौलादी संघर्ष छिपा है. अलीगढ़ में गैस सिलेंडर ढोने का काम करने वाले खानचंद सिंह ने मुफलिसी के बावजूद बेटे के सपनों को टूटने नहीं दिया. दिन-रात मेहनत कर उन्होंने रिंकू को क्रिकेट की बुलंदियों तक पहुंचाया. रिंकू की कामयाबी के बाद भी खानचंद सिंह की सादगी में कोई बदलाव नहीं आया. उनके करीबियों के मुताबिक, इतना पैसा और शोहरत आने के बाद भी वह सबसे उसी सहजता और विनम्रता से मिलते थे.
पिता के जाने से रिंकू सिंह और प्रिया सरोज का परिवार गहरे सदमे में है. रिंकू सिंह के करियर के हर अध्याय में उनके पिता एक प्रेरणा बनकर खड़े रहे, और आज उनके जाने से क्रिकेट जगत में भी शोक की लहर है.
सिलेंडर ढोकर बेटे को स्टार बनाने वाले खानचंद सिंह का निधन, रिंकू सिंह के सिर से उठा पिता का साया
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