जब-जब बरसात का मौसम आता है, तब-तब कहीं ना कहीं से सरकारी कामकाजों की पोल खुल ही जाती है. कई जगह सड़कों टूटने लगती है तो कई जगह बड़े गड्ढे हो जाते हैं, जहां पानी भर जाता है. इस बार बारिश ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की पोल खोल दी है. उद्घाटन के महज 5 महीने बाद ही जैसे ही बारिश का मौसम आया है सहारानपुर में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के साइड में कई जगहों पर मिट्टी का तेजी से कटाव हुआ है. एक जगह करीब 500 मीटर के दायरे में आधा दर्जन से ज्यादा जगहों पर एक्सप्रेसवे के किनारे का हिस्सा खोखला हो गया है, जो कि खतरे की निशानी है. पढ़िए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट.
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सर्विस रोड भी प्रभावित
बारिश के बाद छुटमलपुर इलाके में ही एक्सप्रेसवे के साइड में कई जगह लगे डिवाइडर के नीचे की मिट्टी कटाव से हट गई है और वह हवा में लटके हुए नजर आया. बरसात के कारण रोड के किनारे की मिट्टी लगातार बह रही है और कई हिस्सों में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं. इसके चलते सर्विस रोड भी प्रभावित हुई है और तेज चलने वाले गाड़ियों के लिए खतरा पैदा हो गया है.
अगर रात के वक्त किसी भी वजह से कोई गाड़ी साइड में रोकता है और सतर्क नहीं रहता है तो सड़क के साइड में मौजूद इन गड्ढों के कारण कोई बड़ा हादसा होने का डर है. हालांकि कुछ जगहों पर NHAI की टीम ने गड्ढों की स्थिति को देखते हुए कटाव रोकने के लिए बोरियों में मिट्टी भरकर रखा है, लेकिन इसके बावजूद भी कटाव जारी है.
कब होगी मरम्मत?
जब इस मामले को लेकर वहां के क्षेत्रीय NHAI अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो फोन पर कोई भी जवाब नहीं मिला. हालांकि बाद में दूसरी टीम सें संपर्क हुआ, जिन्होंने बताया कि मामले का संज्ञान लिया जा चुका है और जल्द ही यहां पर मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा.
14 अप्रैल 2026 को पीएम ने किया था उद्घाटन
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे को चालू हुए अभी कुछ ही महीने हुए थे, लेकिन अभी से ही ऐसी खबरें सामने आने लगी है. 14 अप्रैल 2026 को सहारानपुर के गणेशपुर क्षेत्र से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था. इसके बाद एक्सप्रेसवे पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से गाड़ियां दौड़ने लगी थी. इस हाइवे से दिल्ली से देहरादून जाने का समय पहले के मुकाबले कम हो गया था.
अब सवाल यह उठता है कि उद्घाटन के कुछ ही महीनों के बाद हुई पहली बारिश में एक्सप्रेसवे के किनारे की मिट्टी का कटाव इस तरह क्यों हो रहा है? समय रहते ही इसे क्यों ठीक नहीं किया गया. अब देखना होगा की NHAI की टीम कब इसका मरम्मत कराती है और गाड़ी सवार की जान की सुरक्षा पुख्ता करती है.
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