शराब, साजिश और कत्ल! देवरिया में पप्पू यादव की हत्या का खुलासा, अखिलेश यादव ने भेजा जांच दल

Deoria murder case: देवरिया में 12 अप्रैल को हुए पप्पू यादव हत्याकांड का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. मुखबिरी के शक में रची गई साजिश के तहत आरोपियों ने पहले रेस्टोरेंट में शराब पिलाई और फिर गोली मारकर हत्या कर दी. मामले में 4 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि अन्य की तलाश जारी है. इस घटना ने सियासी रंग भी ले लिया है. जानिए मामले की पूरी कहानी.

Deoria murder case
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राम प्रताप सिंह

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उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बैतालपुर में 12 अप्रैल की रात हुई पप्पू यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. पुरानी रंजिश और मुखबिरी के शक में रची गई इस खौफनाक साजिश ने 38 साल के पप्पू यादव की जान ले ली. इस घटना ने जहां पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है, वहीं अब इस मामले ने सियासी रंग भी ले लिया है. आइए विस्तार से जानते है मामले की पूरी कहानी.

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मुखबिरी के शक में रची गई हत्या की साजिश

पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे 'मुखबिरी' का शक मुख्य वजह थी. आरोपियों को संदेह था कि पप्पू यादव पुलिस को सूचना देता है, जिसके कारण कई बार अपराधी पकड़े गए और जेल गए. इसी का बदला लेने के लिए आरोपियों ने पप्पू को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया. घटना की रात पप्पू यादव को उसके ही गांव के जान पहचान वाले बहाने से घर से बुलाकर बैतालपुर के एक रेस्टोरेंट ले गए.

रेस्टोरेंट में पिलाई शराब, फिर सटाकर मार दी गोली

साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने पहले पप्पू यादव के साथ रेस्टोरेंट में बैठकर शराब पी, ताकि किसी को शक न हो. मौका मिलते ही हमलावरों ने उसे गोलियों से छलनी कर दिया और फरार हो गए. हैरान करने वाली बात यह है कि वारदात के बाद आरोपियों ने खुद ही मृतक के पिता को फोन कर घटना की जानकारी दी, ताकि उन पर शक न जाए. पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए चार आरोपियों नवनाथ गोंड, मालती गोंड, आनंद कुमार और राम सकल यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

समाजवादी पार्टी का 18 सदस्यीय डेलिगेशन पहुंचेगा देवरिया

इस हत्याकांड के बाद जिले में सियासी पारा चढ़ गया है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा का एक 18 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 18 अप्रैल को पीड़ित परिवार से मिलने देवरिया पहुंचेगा. यह डेलिगेशन पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के साथ-साथ मामले की पूरी रिपोर्ट नेतृत्व को सौंपेगा.

फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी

पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी आनंद कुमार के पास से मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है. हालांकि, इस वारदात के मुख्य आरोपी पंचम गोंड, मुलायम गोंड, रंजीत गोंड और राहुल गोंड अभी भी फरार हैं. देवरिया पुलिस की कई टीमें, जिनमें एसओजी और सर्विलांस शामिल हैं, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं. पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे. देवरिया की इस वारदात ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और समाज में बढ़ती रंजिशों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना होगा कि पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिलता है.

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