कौन है विनय सिंह? जिसने धनंजय सिंह का नाम लेकर लखनऊ में मचाया बवाल, अब पुलिस ने कसा शिकंजा

जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके करीबी विनय सिंह पर लखनऊ में जमीन कब्जाने और धमकाने के आरोप में एफआईआर दर्ज. जानें क्या है विनय सिंह का वायरल वीडियो और पूरा विवाद.

Dhananjay Singh
UP News

आदित्य भारद्वाज

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उत्तर प्रदेश की सियासत और पूर्वांचल के बाहुबली चेहरे के रूप में पहचाने जाने वाले पूर्व सांसद धनंजय सिंह एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं. इस बार विवाद की वजह बना है उनके बेहद करीबी और मुंह बोले भाई कहे जाने वाले विनय सिंह का एक वायरल वीडियो. लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने में धनंजय सिंह, विनय सिंह और उनके सरकारी गनर समेत 10 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है.

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क्या है पूरा मामला? 

यह विवाद लखनऊ की स्वास्तिका सिटी कॉलोनी के एक 20 फीट चौड़े सार्वजनिक रास्ते को लेकर शुरू हुआ. कॉलोनी के निवासियों और शिकायतकर्ता कौशल तिवारी का आरोप है कि विनय सिंह ने सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की और वहां ईंटों की दीवार खड़ी कर दी. जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया, तो आरोप है कि विनय सिंह ने अपने सरकारी गनर और हथियारबंद साथियों के साथ मिलकर लोगों को धमकाया और उन पर ईंटें फेंकी.

वीडियो में 'भैया' का नाम और फोन कॉल 

विवाद के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें विनय सिंह खुद को धनंजय सिंह का करीबी बताते हुए लोगों पर दबाव बनाता दिख रहा है. वीडियो में वह बार-बार 'भैया-भैया'(धनंजय सिंह) कहता नजर आ रहा है और कथित तौर पर फोन मिलाकर उन्हें धमकियां दिलवाने की कोशिश भी कर रहा है. इसी वायरल वीडियो ने मामले को सियासी तूल दे दिया है.

कौन है विनय सिंह? 

विनय सिंह की पत्नी मांडवी सिंह महाराजगंज (जौनपुर) से दो बार ब्लॉक प्रमुख रह चुकी हैं. विनय सिंह को धनंजय सिंह का 'छाया' माना जाता है, जो हर पारिवारिक कार्यक्रम और वीआईपी जमावड़े में उनके साथ नजर आता है. विनय सिंह के पिता राय रतन बहादुर सिंह भी जौनपुर की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और खुद विनय 2012 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ चुका है.

पुलिस की कार्रवाई और लापरवाही 

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट और जमीन कब्जाने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. वहीं, पीड़ित पक्ष के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज करने के आरोपी एसएचओ उपेंद्र सिंह को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है. अब सवाल यह है कि क्या यह नया विवाद धनंजय सिंह की राजनीतिक और कानूनी मुश्किलें और ज्यादा बढ़ा देगा?

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