Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक पिता ने जिस बेटे को बचपन से पाल पोसकर बढ़ा किया कोर्ट में उस ही के खिलाफ गवाही दे दी. पिता की गवाही के आधार पर कोर्ट ने आरोपी बेटे को उम्रकैद की सजा सुना दी. अब आरोपी को जीवनभर जेल में रहना पड़ेगा. इसके साथ ही अदालत ने उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. दरअसल, मामले में पिता ने खुद अपने बेटे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार किया और मामले की जांच शुरू की.
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पुलिस ने जांच के दौरान एक एक कर सबूत जुटाए. इसके आधार पर चार्जशीट दाखिल की गई. मामला कोर्ट पहुंचा तो सुनवाई के दौरान पिता ने भी बेटे के खिलाफ बयान दिए. अदालत में पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया और कड़ी सजा सुनाई. इस फैसले के बाद ये मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. ऐसे में चलिए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला ? आखिर क्यों पिता ने बेटे को जेल भिजवाया?
क्या है पूरा मामला?
यह मामला है बिजनौर के थाना स्योहारा के गांव सदाफल का है. यहां 8 जनवरी 2023 की रात आरोपी जौनी अपनी पत्नी प्रियंका के साथ घर की ऊपरी मंजिल पर सो रहा था. इस दौरान आरोपी के पिता सोमपाल नीचे के कमरे में सो रहे थे. इस बीच रात करीब साढ़े ग्यारह बजे जौनी नीचे वाले कमरें में आया. यहां उसने अपने पिता को बताया कि उसका पत्नी से विवाद हो गया है. पिता ने कुछ देर बाद देखा तो उन्हें बहू प्रियंका बेहोश अवस्था में मिली. पिता को पता चला कि बहू की गला दबाकर हत्या कर दी है.
बेटे के खिलाफ की दर्ज करवाया केस
इसके बाद बेटे इस कारतूत से गुस्साए पिता सोमपाल सिधे पुलिस थाने पहुंच गए. यहां उन्होंने बिना किसी दबाव और संकोच के अपने ही बेटे के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई. मामले में पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की. इसके तहत पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और पुलिस जांच में जुट गई. पुलिस ने मामले में एक एक सबूत इकट्ठा कर कोर्ट में पेश किया.
कोर्ट में बेटे के खिलाफ दी गवाही
मामले की सुनवाई चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निजेंद्र कुमार की अदालत में हुई. मामले में आरोपी के पिता सोमपाल ने कोर्ट में कई गवाह पेश किए गए. इस मामले में पिता की गवाही ने सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वहीं, मृतका प्रियंका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच में भी हत्या की बात सामने आई.
25 हजार रुपये जुर्मान और आजीवन कारावास
कोर्ट ने आरोपी जौनी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी माना और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई. इसके साथ ही आरोपी पर 25 हजार रुपये के जुर्मान भी लगाया. यह फैसला “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी का परिणाम माना जा रहा है.
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