Gen Alpha Fatehpur school students protest: देशभर में NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर हुए Gen-Z के विरोध प्रदर्शनों के बाद अब Gen-Alpha जनरेशन के बच्चों ने भी सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. मामला उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के एक सरकारी इंटर कॉलेज का है. यहां स्कूली छात्रों के प्रदर्शन की चर्चा हर तरफ हो रही है. आखिर इन छात्रों ने विरोध प्रदर्शन क्यों किया, उनकी क्या मांगें थीं और पूरे मामले की वजह क्या है? आइए इस खबर में विस्तार से जानते हैं.
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जानिए क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह पूरा मामला फतेहपुर जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज का है. इस कॉलेज में करीब 1800 छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं. बुनियादी सुविधाओं के अभाव से परेशान होकर ये बच्चे अचानक स्कूल के गेट के बाहर इकट्ठा हो गए. इसके बाद छात्रों ने साफ पीने का पानी , बिजली, कमरों में सही वेंटिलेशन और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग को लेकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया.
क्यों करना पड़ा प्रदर्शन?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि स्कूल में साफ पीने का पानी, साफ-सुथरे शौचालय, बिजली और पंखों जैसी मूलभूत सुविधाओं का काफी समय से अभाव है. लगातार शिकायतों के बावजूद स्कूल प्रशासन उनकी बात नहीं सुन रहा था. रोजाना पढ़ाई में आ रही दिक्कतों और अव्यवस्थाओं से आजिज आकर ही बच्चों को मजबूरन स्कूल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराना पड़ा.
DIOS ने क्या कहा?
छात्रों के जोरदार हंगामे और प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) राकेश कुमार तुरंत सर्वोदय इंटर कॉलेज पहुंचे. उन्होंने पूरे स्कूल परिसर का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान बच्चों ने अपनी समस्याओं को लेकर एक लिखित मांग पत्र भी अधिकारी को सौंपा.
निरीक्षण के दौरान DIOS ने स्कूल प्रबंधन को सभी कमियों को तुरंत दूर करने के सख्त आदेश दिए. उन्होंने बताया कि जिन कमरों में पंखे नहीं हैं, वहां प्रत्येक कमरे में चार पंखे लगाए जाएंगे. यह काम आज से कल तक में पूरा कर लिया जाएगा. इसके साथ ही जो बिजली की वायरिंग खराब पड़ी है, उसे भी तत्काल सही करने के निर्देश दिए गए हैं.
पेयजल, बेंच की व्यवस्था में सुधार के निर्देश
DIOS राकेश कुमार ने पेयजल समस्या के समाधान के लिए एक RO प्लांट की व्यवस्था कराने की बात कही है. इसके अलावा कक्षा 6, 7 और 8 के जिन छात्रों के पास बैठने के लिए बेंच नहीं हैं, उनके लिए एक महीने के भीतर बेंच की व्यवस्था की जाएगी. पीएम पोषण (MDM) योजना के तहत मिलने वाले भोजन की मात्रा और मेनू को भी सही तरीके से सुनिश्चित कराया जाएगा. खेल के मैदान की साफ-सफाई के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं ताकि छात्रों को भविष्य में कोई असुविधा न हो.
क्या है जेन-अल्फा जनरेशन?
जेन-अल्फा (Generation Alpha) साल 2010 से 2024 के बीच जन्मे बच्चों की पीढ़ी को कहा जाता है. यह 21वीं सदी में जन्मी पहली ऐसी पीढ़ी है, जो बचपन से ही इंटरनेट, स्मार्टफोन, टैबलेट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और दूसरी आधुनिक तकनीकों के बीच बड़ी हो रही है.
कोविड-19 महामारी के दौरान इस पीढ़ी के कई बच्चों ने ऑनलाइन पढ़ाई की. यही वजह है कि इन्हें तकनीक का इस्तेमाल करने में काफी सहज माना जाता है. यूट्यूब, रोब्लॉक्स और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म इनके रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बन चुके हैं. ये बच्चे सिर्फ कंटेंट देखते ही नहीं, बल्कि उसे बनाना और नए तरीके से पेश करना भी सीख रहे हैं.
आज यह पीढ़ी अपने माता-पिता की खरीदारी और कई फैसलों को भी प्रभावित कर रही है. तकनीक की अच्छी समझ और दुनिया से डिजिटल जुड़ाव के कारण माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में यही पीढ़ी शिक्षा, नौकरी, कारोबार और समाज में बड़े बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
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