Ghaziabad Viral Video: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक महिला का बीच सड़क पर युवक को भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए वीडिया वायरल हो रहा है. वीडियो में महिला युवक को जान से मारने की धमकी भी दे रही है. ये घटना निवाड़ी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है. यहां रात के अंधेरे में पुलिस की मौजूदगी में महिला ने जमकर हंगामा किया. वीडियो में महिला खुद को जाट समाज से बताते हुए और पेशे से वकील होने का दावा करते हुए युवक पर रौब झाड़ती नजर आ रही है. हैरानी वाली बात है कि इस दौरान मौके पर दो दरोगा भी वर्दी में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने महिला को रोकने के बजाय चुप्पी साधे रखी. वीडियो वायरल होने के बाद अब एसीपी मोदीनगर अमित सक्सेना ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस केस की जांच निवाड़ी थाने से हटाकर मोदीनगर थाने को सौंप दी है.
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क्यों हुआ था विवाद?
घटना की शुरुआत गाड़ी के पार्क करने काे लेकर हुई थी. घटना में पीड़ित अभिषेक नेहरा ने बताया कि उसने अपने घर और दुकान के बाहर खड़ी गाड़ियों को हटाने की रिक्वेस्ट की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी और महिला शराब के नशे में थे. ऐसे में महिला अपने आपे से बाहर हो गई और गाली-गलौज करने लगी. वीडियो में महिला को यह कहते सुना जा सकता है कि "मैं जाट की बेटी हूं, बुला किसको बुलाता है, चल बुला SHO को." इसके साथ ही वो कहती है कि "50 थार गाड़ियां खरीद सकती है और पूरा राजनगर एक्सटेंशन उसी का है." महिला ने युवक को 'भट्टे में झोंकने' और गंभीर परिणाम भुगतने की भी धमकी दी.
पीड़ित पर ही मुकदमा दर्ज: पुलिस की भूमिका संदिग्ध
मामले में हैरान वाली बात ये है कि इस हंगामे के बाद महिला ने उन्हीं दरोगाओं की मदद से पीड़ित अभिषेक और उसके साथी शुभम के खिलाफ 21 दिसंबर की रात निवाड़ी थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया. महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि वो अपनी बेटी के साथ जन्मदिन की पार्टी से लौट रही थी. तभी सफेद रंग की गाड़ी में सवार दो युवकों ने निवाड़ी रोड पर उसकी गाड़ी रुकवाकर जबरन उतारने की कोशिश की. महिला ने दावा किया कि उसकी बेटी भी साथ में थी और वह काफी डर गई थी. पुलिस ने महिला की शिकायत पर अभिषेक नेहरा और शुभम के खिलाफ धारा कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है.
पीड़ित ने क्या बताया?
पीड़ित ने बताया कि घटना वाले दिन वो अपने छोटे भाई के साथ आ रहा था. इस दौरान हमारे गेट के बाहर ही दो गाड़ियां खड़ी थी. उसमें कुछ लोग बैठे थे. इसमें लड़की भी थी. ऐसे में मैंने अपने छोटे भाई से कहा मैंने कहा उनको बोल दे की गाड़ी हटा लें. लेकिन इस बीच गाड़ी से कुछ पुलिस वाले उतरे और गालियां देने लगे. ऐसे में मैंने वीडियो बनानी शुरू करी दी. इस बीच अंदर कोई लड़की बैठी थी. वो बहुत नशे में थी. उसने हमारे साथ गाली गलौज की और जान से मारने की घमकी दी...उसके बाद मैं कमिशनर ऑफिस में अपनी कंप्लेन दी कि मुझे झूठे आरोप में फंसा रहे हैं. क्योंकि गांड़ी में पुलिस वाले बैठे थे. उन्होंने उल्टा मामला मेरे ऊपर ही डाल दिया कि मैंने ही ड्रिंक की हुई है.
एसीपी ने अपनाया कड़ा रुख
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस प्रशासन सख्त हुआ.एसीपी मोदीनगर अमित सक्सेना ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच निवाड़ी पुलिस से हटाकर मोदीनगर थाना पुलिस को सौंप दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो को साक्ष्य मानकर पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जाएगी. दूसरी ओर, पीड़ित अभिषेक नेहरा ने चेतावनी दी है कि यदि उसे स्थानीय स्तर पर न्याय नहीं मिला, तो वह अपने पूरे परिवार के साथ पैदल चलकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास तक न्याय की गुहार लगाने जाएगा.
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