उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के कटरिया गांव में दलित छात्रा निशा विश्वकर्मा की मौत के बाद उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. समाजवादी पार्टी के डेलिगेशन के दौरे के दौरान हुए भीषण पथराव के बाद अब मृतिका के माता-पिता ने खुलकर अपनी बात रखी है. उन्होंने सपा नेताओं और स्थानीय प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि कैसे उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है. आइए विस्तार से जानते है पूरी कहानी.
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'सपा नेताओं से नहीं मिलना चाहते थे हम'
निशा विश्वकर्मा के पिता ने खुलासा किया कि उन्होंने पुलिस प्रशासन को लिखित में दिया था कि वे सपा के डेलिगेशन या किसी भी बाहरी व्यक्ति से नहीं मिलना चाहते हैं. उन्होंने कहा, 'हमारी बेटी चली गई है, कोई उसे वापस नहीं ला सकता. हमने मना किया था, लेकिन इसके बावजूद सपा के लोग जबरदस्ती हमारे घर में घुस आए.' उनका आरोप है कि प्रशासन के रोकने के बावजूद डेलिगेशन नहीं रुका.
आशु सिंह प्रधान पर गंभीर आरोप
मृतिका के पिता ने स्थानीय प्रधान आशु सिंह पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा, 'आशु सिंह प्रधान ने हमें धमकी दी और गाली-गलौज की. वह कह रहे थे कि ज्यादा फड़फड़ाओ मत, थाने भी जाओगे तो एक-एक करके मार दिए जाओगे.' पिता ने आगे बताया कि प्रधान ने यह कहकर अपमानित किया कि 'साला 3000 का मोबाइल दिया, हमारे पास मोबाइल देने की औकात नहीं है.' पिता का दावा है कि आशु सिंह ही उनके परिवार के खिलाफ माहौल बना रहे हैं.
पथराव की घटना और 'अन्याय' की मांग
निशा की मां ने बताया कि जब सपा का डेलिगेशन आया, तो अचानक पथराव शुरू हो गया. उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि पत्थर कहां से चले. मां का कहना है कि उनकी बेटी को आरोपी हरिओम पंडित ने मोबाइल देकर फंसाया और फिर उसके साथ जो हुआ, उससे पूरा परिवार बिखर गया है. परिवार का कहना है कि वे केवल न्याय चाहते हैं और जो उनकी बेटी के साथ हुआ, वैसा किसी और के साथ न हो.
रेप की बात और आरोपी की गिरफ्तारी
गांव में चर्चा है कि निशा के साथ गलत काम हुआ था. इस पर मां ने कहा कि जब उनकी बेटी को घर से निकाला गया और फिर उसकी लाश मिली, तो यह साफ है कि उसके साथ बुरा हुआ होगा. हालांकि, पुलिस ने मुख्य आरोपी हरिओम पंडित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. परिवार का आरोप है कि हरिओम ने उनके घर में आग लगाने का काम किया और उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर उसकी जान ले ली.
फिलहाल गाजीपुर का कटरिया गांव फिलहाल छावनी में तब्दील है और पुलिस पथराव करने वालों की पहचान करने में जुटी है. इस बीच पीड़ित परिवार का डर और गुस्सा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है.
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गाजीपुर में सपा डेलिगेशन पर पथराव, कौन है आशुतोष सिंह आशु? जिसने दी थी 'तालिबानी फरमान' वाली चेतावनी
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