BJP नेता राजकुमार चौहान की हत्या का खुलासा, भतीजे की दुश्मनी चाचा पर पड़ी भारी, इस वजह से की थी हत्या

गोरखपुर के चिलुआताल इलाके में पूर्व बीजेपी पार्षद राजकुमार चौहान की हत्या ने पूरे शहर को हिला दिया. मॉर्निंग वॉक पर निकले नेता पर पहले गोली चलाई गई और फिर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए गए. पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह हमला किसी राजनीतिक साजिश नहीं बल्कि भतीजे की लड़ाई का बदला था.

Gorakhpur Rajkumar chauhan murder case
Gorakhpur Rajkumar chauhan murder case

गजेंद्र त्रिपाठी

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Gorakhpur Rajkumar chauhan murder case: गोरखपुर के चिलुआताल इलाके में हुई पूर्व बीजेपी पार्षद राजकुमार चौहान की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने बताया कि उसने हत्या के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने बताया कि राजकुमार चौहान के भतीजे से कुछ लाेगों की लड़ाई हुई थी. आरोपियों ने इसका बदला चाचा को मारकर लिया है. इस घटना के पीछे आपसी विवाद बताया जा रहा है.

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आरोपी ने दोस्त के साथ मिलकर लिया बदला

पुलिस की जांच में सामने आया कि पूर्व बीजेपी पार्षद राजकुमार चौहान के भतीजे का किसी से लड़ाई हो गई थी. इसी रंजिश के तहत 18 साल के राज चौहान ने अपने दोस्त विपिन यादव के साथ मिलकर भतीजे की लड़ाई का बदला उसके चाचा यानी राजकुमार चौहान से लिया है. बीते मंगलवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे जब राजकुमार चौहान रोजाना की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे तो आरोपियों ने मौका देखकर उन पर हमला कर दिया. आरोपियों ने बीजेपी नेता को पहले गोली मारी और फिर उनपर चाकू से हमला कर उनकी बेरहमी हत्या कर दी.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिले 11 जख्मों के निशान

घटना के बाद परिजनों ने आठ लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी. पुलिस ने जांच शुरू की और इलाके में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों का चेक किया गया. इसमें दो सीसीटीवी कैमरों में उसी गांव के दो युवक राज चौहान और विपिन यादव दिखे. इसके बाद पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस जांच इनके रिकॉर्ड खंगाले तो पुलिस को शक हुआ. इसके आधार पर जब हिरासत मेंलेकर इनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया. ये दोनों बरगदवा के ही रहने वाले हैं और मिट्टी की डंपर के चालक है. राजकुमार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसने शरीर पर कुल 11 गहरे घाव मिले हैं.  

प्रशासन ने बढ़ाया मदद का हाथ

बीजेपी नेता की मौत के बाद जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार के लिए मदद की घोषणा की है. जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि परिवार की सुरक्षा की मांग को तुरंत पूरा कर दिया गया है. इसके अलावा, मृतक के बच्चों (दो बेटी और एक बेटा) की पढ़ाई लिखाई की जिम्मेदारी और परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए भी प्रशासन ने आश्वस्त किया है. मुख्यमंत्री के शहर में हुई इस घटना पर एसएसपी और डीएम खुद नजर बनाए हुए हैं.

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