ग्रेटर नोएडा में बनेगा यूपी का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर, जानिए क्या है प्राधिकरण का पूरा नया प्लान

अरुण त्यागी

• 03:00 PM • 12 Jul 2026

UP First double decker flyover: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों को जल्द ही जाम से बड़ी राहत मिलने वाली है. जमीन की कमी के कारण अब यहां उत्तर प्रदेश का पहला बेहद अनूठा डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने का निर्णय लिया गया है, जिससे शाहबेरी और तिगरी चौक के रूट पर वाहनों का दबाव काफी कम हो जाएगा.

  ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बनेगा यूपी का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बनेगा यूपी का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Greno West double decker flyover: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यूपी का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर ग्रेनो वेस्ट में बनने जा रहा है. ऐसे में इससे अब यहां के निवासियों को इलाके में आए दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलने वाली, हालांकि, इसमें अभी समय लगेगा. बात दें कि इससे पहले ग्रेटर नोएडा वेस्ट को 130 मीटर रोड से शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक के रास्ते दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए फ्लाईओवर का एक प्लान तैयार किया गया था.  इसके अनुसार इसे 4 लेन का बनाना था, जिसमें कम से कम 15 मीटर चौड़ी खुली जगह की जरुरत थी. लेकिन यहां एक पेच फांस गया, विभाग ने नपाई की तो फ्लाईओवर के लिए 14 मीटर जगह ही उपलब्ध हो पा रही थी. ऐसे में अब फ्लाईओवर के डिजाइन में बदलाव कर इसे डबल डेकर बनाने का फैसला लिया गया है.

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900 करोड़ रुपये का नया बजट

डिजाइन में हुए इस बड़े बदलाव की वजह से अब इस प्रोजेक्ट की निर्माण लागत पहले के मुकाबले दोगुनी हो गई है. पहले जहां चार लेन के फ्लाईओवर को बनाने के लिए करीब 400 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित था. वहीं अब इस 1400 मीटर लंबे डबल डेकर फ्लाईओवर को तैयार करने में लगभग 900 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी. इस नए स्ट्रक्चर के दोनों ही तलों पर वन-वे ट्रैफिक की व्यवस्था लागू की जाएगी.

NHAI से मांगी गई रिपोर्ट

दरअसल, जगह की किल्लत को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों की नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के साथ बैठक हुई थी. इसके बाद कंसल्टेंट के जरिए दूसरे विकल्पों को तलाशा गया. फिर अंत में डबल डेकर डिजाइन पर सहमति बनी. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के परियोजना विभाग की तरफ से NHAI को इसका प्रजेंटेशन भी दे दिया गया है. अब NHAI ने इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद निर्माण कार्य को लेकर अंतिम मुहर लगाई जाएगी. चूंकि यह प्रोजेक्ट नेशनल हाईवे से जुड़ता है, इसलिए शाहबेरी फ्लाईओवर का काम पूर्व में ही NHAI को सौंपने पर सहमति बन चुकी थी.

12 मीटर में ही बनेंगी 6 लेन

जीएम प्रोजेक्ट ए.के. सिंह ने बताया कि चार लेन का फ्लाईओवर बनाने के लिए करीब 15 मीटर चौड़ी जगह की जरूरत होती है. लेकिन यहां सिर्फ 14 मीटर तक ही जगह उपलब्ध है. ऐसे में डबल डेकर फ्लाईओवर बनाया जाएगा. इसमें ऊपर और नीचे दोनों मंजिलों पर तीन-तीन लेन होंगी. इस डिजाइन की खास बात यह है कि सिर्फ 12 मीटर चौड़ाई में ही कुल 6 लेन तैयार हो जाएंगी. इससे आने वाले समय में वाहनों की बढ़ती संख्या को संभालना आसान होगा.

लोकल मार्केट और गांवों को फायदा

उन्होंने बताया कि फ्लाईओवर बनाने में यू-शेप पिलर लगाए जाएंगे. इससे नीचे की मौजूदा सड़क पहले की तरह खुली रहेगी और आसपास के बाजार, सोसाइटी और गांव के लोग इसे सर्विस लेन की तरह इस्तेमाल कर सकेंगे. इस फ्लाईओवर के बनने के बाद 130 मीटर रोड से सीधे दिल्ली-मेरठ हाईवे पर पहुंचा जा सकेगा, जिससे गाजियाबाद जाना भी आसान हो जाएगा. अभी गाजियाबाद जाने के लिए तिगरी चौक होकर ही जाना पड़ता है, जहां इन दिनों ट्रैफिक तेजी से बढ़ रहा है.

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