'यू शट अप, यू शट अप...' बोलने वाली प्रिंसिपल ममता मिश्रा पर अब हो गया बड़ा एक्शन, इस वजह से बच्ची की मां पर भड़की थी

Hardoi School Controversy: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के एक निजी स्कूल में महिला अभिभावक के साथ बदसलूकी का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है. बीएसए ने स्कूल के खिलाफ जांच टीम गठित कर दी है और आरटीई उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं.

Hardoi Principal Viral Video
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प्रशांत पाठक

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Hardoi Principal Viral Video: उत्तर प्रदेश के हरदोई से सनबीम स्कूल का मामला तूल पकड़ पकड़ा जा रहा है. बीएसए डॉ. अजीत सिंह ने इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए प्रारंभिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. नगर क्षेत्र हरदोई के इस स्कूल की जांच के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें तीन खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) शामिल हैं. बीएसए के मुताबिक, रविवार होने के कारण जांच में थोड़ा समय लगा है, लेकिन सोमवार सुबह तक जांच आख्या प्रस्तुत कर दी जाएगी. प्रशासन अब इस मामले के हर कानूनी और विधिक पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रहा है.

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मान्यता रद्द होने का मंडराया खतरा

बीएसए डॉ. अजीत सिंह ने स्पष्ट किया है कि सनबीम स्कूल को विभाग की ओर से मान्यता मिली हुई है, लेकिन यदि जांच में यह पाया जाता है कि स्कूल प्रबंधन ने नियमों से हटकर काम किया है या शिक्षा का अधिकार (RTI) अधिनियम का उल्लंघन किया है तो निश्चित तौर पर विधिक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि स्कूल की कक्षा 1 से 5 तक की मान्यता 2009 में और उसके बाद 2014 में ली गई थी. वर्तमान में वायरल वीडियो को प्राथमिक साक्ष्य माना जा रहा है, जिसमें प्रिंसिपल एक महिला अभिभावक को बुरी तरह डांटती और अपमानित करती नजर आ रही हैं.

कॉपी-किताबों के विवाद ने पकड़ा तूल

यह पूरा विवाद 24 अप्रैल को शुरू हुआ जब नीलम वर्मा नामक एक अभिभावक अपनी बेटी को लेने स्कूल पहुंची थीं. आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने बाहर से खरीदे गए कोर्स को अमान्य बताते हुए जबरन ₹12,000 की नई कॉपियां स्कूल से ही खरीदने का दबाव बनाया. जब नीलम ने कुछ दिनों की मोहलत मांगी तो प्रिंसिपल ममता मिश्रा उन पर बुरी तरह भड़क गईं. वीडियो में प्रिंसिपल को बार-बार 'यू शट अप' कहते और अभिभावक के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते सुना जा सकता है. पीड़िता ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से भी की है.

प्रिंसिपल की सफाई और विभाग का रुख

मामला बढ़ने पर प्रिंसिपल ममता मिश्रा ने सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह विवाद कॉपियों का नहीं बल्कि फीस कम कराने के दबाव का था. उन्होंने आरोप लगाया कि अभिभावक उन्हें वैक्सीनेशन प्रोग्राम के दौरान परेशान कर रहे थे. हालांकि, बीएसए का कहना है कि वीडियो में प्रथम दृष्टया बदसलूकी साफ दिख रही है. जांच टीम अब यह देखेगी कि क्या स्कूल द्वारा कॉपियों के नाम पर अवैध वसूली की जा रही थी. यदि तथ्यों में सच्चाई पाई गई, तो स्कूल की मान्यता खत्म करने जैसी कड़ी कार्रवाई से भी विभाग पीछे नहीं हटेगा.

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