Harish Rana Euthanasia Case: सुप्रीम कोर्ट से इच्छामृत्यु पाकर अनंत यात्रा पर निकलने के लिए दिल्ली AIIMS पहुंचे हरीश राणा की हालत अभी स्थिर है. निष्क्रिय इच्छा मृत्यु यानी पैसिव युथनेशिया की प्रक्रिया के तहत हरीश को 8 दिनों से भोजन नहीं दिया जा रहा है. उन्हें पानी भी नहीं दिया जा रहा है. जीवन रक्षक उपकरण भी हटा लिए गए हैं. डॉक्टर्स के मुताबिक हरीश की हालत अब भी स्थिर है. उनके स्वास्थ्य में किसी तरह की कोई गिरावट नहीं दिख रही है.
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हरीश को एम्स के रोटरी कैंसर अस्पताल के पैलिएटिव केयर यूनिट में रखा गया है. यहां उनकी देखभाल के लिए डॉक्टरों की टीम है. एम्स में दाखिल हरीश के भोजन पानी बंद किए जाने का आज (24 मार्च को) आठवां दिन है. उन्हें 14 मार्च को दाखिल कराया गया था. अगले दिन उसका तरल पोषण यानी भोजन और दो दिन बाद 17 मार्च से उसका पानी भी बंद है. यानी करीब दस दिनों से पोषण और पानी दोनों बंद है.
हरीश में नहीं दिख रहे बेचैनी जैसे कोई लक्षण- डॉक्टर
डॉक्टरों की टीम की प्रमुख और पैलिएटिव केयर यूनिट की हेड डॉक्टर सीमा मिश्रा के मुताबिक इतने दिनों भोजन पानी बंद होने पर शरीर में अंदरूनी बेचैनी होने लगती है, लेकिन हरीश के पिछले करीब 13 साल से गहरे कोमा में होने के कारण शरीर में बेचैनी के कोई लक्षण नहीं दिख रहे. इसका कारण यह भी है कि हरीश को दर्द निवारक और ऐसी दवाएं शरीर में पहुंचाई जा रही हैं ताकि उसके दिमाग और शरीर को कष्ट या बेचैनी ना हो ताकि हरीश की अनंत यात्रा को आसान बनाया जा सके.
वकील परिवार को दे रहे हैं सेहत की जानकारी
निचली अदालत से सुप्रीम कोर्ट तक हरीश राणा के पिता अशोक राणा के कानूनी पैरवीकार और सलाहकार रहे वकील मनीष जैन के मुताबिक परिवार के लोगों को लगातार हरीश की सेहत के बारे में जानकारी दी जा रही है. उनको काउंसलिंग भी दी जा रही है. वैसे ब्रह्माकुमारी राजयोग संस्थान से जुड़े राणा दंपति खुद भी काफी संवेदनशील और मजबूत सोच वाले हैं. उनका भी कहना है हरीश की अनंत यात्रा का मामला लंबा न खिंचे. वो बिना कष्ट के उस यात्रा पर चले जाएं.
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