IAS Abhishek Prakash Case: उत्तर प्रदेश सरकार ने 2006 बैच के IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश के निलंबन को खत्म करने का फैसला लिया है. करीब एक साल तक सेवा से बाहर रहने के बाद अब उनकी सेवा को बहाल करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. इस आदेश के अनुसार, अभिषेक प्रकाश 15 मार्च 2026 से अपनी सेवाएं दोबारा शुरू कर सकेंगे. गौरतलब है कि अभिषेक प्रकाश को करीब एक साल पहले भ्रष्टाचार के आरोप से एक मामले में सस्पेंड किया गया था.
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बहाली के बावजूद जारी रहेगी जांच
उत्तर प्रदेश शासन की ओर से आईएएस अभिषेक प्रकाश की बहाली को लेकर आधिकारिक निर्देश जारी किए गए हैं. राज्यपाल की मंजूरी के बाद जारी हुए इस आदेश में कहा गया है कि 14 मार्च 2026 तक की अवधि को ही निलंबन माना जाएगा. इसके बाद वह दोबारा अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर सकेंगे. हालांकि, सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि सेवा में वापसी के बावजूद उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच जारी रहेगी.
क्यों सस्पेंड हुए थे IAS अभिषेक प्रकाश?
दरअसल, IAS अभिषेक प्रकाश के निलंबन का मामला एक भ्रष्टाचार के आरोप से जुड़ा था. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इन्वेस्ट यूपी में सोलर इंडस्ट्री लगाने के लिए एक उद्यमी ने आवेदन किया था. आरोप लगा था कि एक बिचौलिए ने उस उद्यमी से काम के बदले कमीशन मांगा था. जब इसकी शिकायत पुलिस और सरकार तक पहुंची तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कदम उठाते हुए तत्कालीन सीईओ इन्वेस्ट यूपी अभिषेक प्रकाश को सस्पेंड कर दिया था. इस मामले में पुलिस ने वसूली करने वाले बिचौलिए को भी गिरफ्तार किया था.
कौन हैं आईएएस अभिषेक प्रकाश?
अभिषेक प्रकाश साल 2006 बैच के IAS अधिकारी हैं. वे मूल रूप से बिहार के रहने वाले अभिषेक का जन्म साल 1982 में हुआ था. उनकी शिक्षा की बात करें तो उन्होंने साल 2000 से 2004 के बीच IIT रुड़की से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और पब्लिक पॉलिसी में MA किया. अपने करियर के दौरान वह लखनऊ, लखीमपुर खीरी, अलीगढ़ और हमीरपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों के जिलाधिकारी भी रह चुके हैं. निलंबन से पहले वह सचिव, आईडीसी विभाग और सीईओ इन्वेस्ट यूपी के पद पर तैनात थे.
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