Sambhal SP IPS KK Bishnoi Farewell Video: संभल जिले में एक पुलिस अफसर की विदाई का समारोह उस वक्त बेहद भावुक हो गया, जब पूर्व एसपी केके बिश्नोई की आंखों में आंसू आ गए. मंच पर उनके साथ बैठे संभल के जिलाधिकारी (DM) IAS अंकित खंडेलवाल भी उन्हें भावुक देखकर अपने आंसू नहीं रोक पाए. कुछ ही देर में पूरा माहौल भावुक हो गया. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर IAS अंकित खंडेलवाल कौन हैं, जो इस विदाई समारोह में इमोशनल नजर आए.
ADVERTISEMENT
कौन हैं 2017 बैच के IAS अंकित खंडेलवाल?
अंकित खंडेलवाल मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं. उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. UPSC परीक्षा में उनका चयन IPS पद के लिए भी हुआ था. हालांकि, अपने पिता का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने दोबारा UPSC परीक्षा दी. इस बार उन्होंने ऑल इंडिया 41वीं रैंक हासिल की और साल 2017 में IAS अधिकारी बने.
IAS बनने के बाद उनकी प्रशासनिक यात्रा मुरादाबाद में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट के तौर पर शुरू हुई. इसके बाद उन्होंने मेरठ में जॉइंट मजिस्ट्रेट और अलीगढ़ में CDO के पद पर जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद 21 फरवरी 2023 को उन्हें आगरा नगर निगम का नगर आयुक्त बनाया गया.
आगरा में स्वच्छता क्रांति और 'कबाड़ से कमाल'
आगरा के नगर आयुक्त रहते हुए अंकित खंडेलवाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती कुबेरपुर डंपिंग ग्राउंड में जमा 18 लाख मीट्रिक टन कूड़े के पहाड़ को हटाने की थी. उन्होंने करीब 60 एकड़ जमीन को खाली कराया और प्लास्टिक रीसाइक्लिंग तथा 'वेस्ट टू एनर्जी' (कूड़े से बिजली बनाने) के प्रोजेक्ट पर काम शुरू कराया. उनके इन प्रयासों के चलते आगरा को स्वच्छ सर्वेक्षण में देश के टॉप 10 शहरों में जगह मिली.
इतना ही नहीं, उन्होंने नगर निगम के स्टोर में पड़े कबाड़ से भगवान श्री राम के मंदिर की प्रतिकृति और बांसुरी बजाते बाल कृष्ण की खूबसूरत कलाकृतियां तैयार कराईं, जिसकी काफी सराहना हुई.
संभल में भू-माफियाओं और फर्जीवाड़े पर कड़ा प्रहार
संभल के जिलाधिकारी के रूप में पदभार संभालने के बाद उन्होंने सरकारी जमीनों, तालाबों, झीलों और नदियों को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान चलाया.
- संभल-मुरादाबाद हाईवे के किनारे 101 करोड़ रुपये की 38 बीघा जमीन को सरकारी खाते में दर्ज कराया गया.
- गुन्नौर में गंगा किनारे करीब 1000 बीघा सरकारी जमीन के फर्जी आवंटन का भंडाफोड़ किया.
- इस मामले में तत्कालीन तहसीलदार समेत 19 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई और आरोपी तत्कालीन तहसीलदार को जेल भेजा गया.
विदाई समारोह का वो भावुक लम्हा
एसपी केके बिश्नोई ने विदाई के दौरान जब यह शेर पढ़ा "जहां रहेगा वहीं रोशनी लुटाएगा, किसी चिराग का अपना मकान नहीं होता..." तो बगल में बैठे डीएम अंकित खंडेलवाल भी अपने आंसू रोक नहीं पाए. 24 घंटे की कठिन ड्यूटी, तनाव भरी रातें और संवेदनशील फैसलों के बोझ ने इन दोनों अफसरों को सिर्फ सहकर्मी नहीं, बल्कि सच्चा साथी बना दिया था. यह पल दिखाता है कि एक सख्त प्रशासनिक छवि के पीछे एक संवेदनशील और मानवीय चेहरा भी होता है.
ADVERTISEMENT


