7 गोलियां लगीं, सिस्टम से लड़े, अब दिया इस्तीफ...उठक-बैठक लगाने वाले चर्चित IAS रिंकू सिंह राही के इस्तीफे के बाद पिता ने बताई चौंकाने वाली बातें, देखें वीडियो

IAS Rinku Singh Rahi Story: IAS रिंकू सिंह राही के इस्तीफे ने पूरे देश में हलचल मचा दी है. सात गोलियां खाने के बाद भी सिस्टम से लड़ने वाले इस अधिकारी ने अब पद छोड़ दिया. उनके पिता और भाभी के बयान सामने आए हैं, जिसमें उनके संघर्ष, ईमानदारी और सिस्टम पर उठाए गए सवालों की पूरी कहानी सामने आती है.

IAS Rinku Singh Rahi Story
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Rinku Singh Rahi IAS resignation: IAS रिंकू सिंह राही ने इस्तीफा देकर पूरे देश में हलचल मचाई हुई है. उनके करियर में कई ऐसे मोड़ आए जिन्होंने सुर्खियां बटोरीं, चाहे वह उन पर हुआ हमला हो या शाहजहांपुर में विवाद के बाद माफी मांगना. अब उन्होंने सरकारी सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पद छोड़ने का फैसला किया है. इस मामले में अब उनके पिता और उनके भाई की पत्नी का बयान सामने आया है. पिता ने बेटे के इस बड़े कदम और विभाग में काम न मिलने को लेकर अपनी बात रखी है और रिंकू के संघर्षें की कहानी बताई है. वही भाई की पत्नी का कहना है कि वे परिवार की चिंता किए बिना देश के लिए काम करते हैं और अपनी परेशानियों को अपने तक ही सीमित रखते हैं. पिता और भाई की पत्नी ने और क्या क्या कहा पढ़ें इस खबर में... 

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''मेरा बेटा देशभक्त, ईमानदार और मेहनती''-पिता

रिंकू सिंह राही के पिता सुधन सिंह राही ने बेटे की ईमानदारी और संघर्ष पर गर्व जताते हुए कहा कि वह एक सच्चे देशभक्त, मेहनती और ईमानदार अधिकारी हैं. उन्होंने बताया कि राही ने 2009 में समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए 100 करोड़ से ज्यादा के घोटाले का खुलासा किया था. इसी दौरान मुजफ्फरनगर में उन पर हमला हुआ. इसमें उन्होंने अपनी एक आंख और जबड़ा गंवा दिया. इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी.  पिता ने कहा कि इसके बाद ड्यूटी के दाैरान मुजफ्फरनगर आने जाने में उनका सारा पैसा खत्म हो गया. पिता ने कहा  कि हमारा बैंक बैलेंस चेक कर लिजिए. रिंकू के पिता का कहना है कि जो लोग ईमानदार होते हैं उनके पास मेहनत और ईमानदारी होती है. पिता ने बताया कि मुजफ्फरनगर वाली घटना के बाद बेटे ने 2023 में IAS  का एग्जाम पास किया. उन्होंने कहा कि रिंकू जो भी फैसला लेते हैं वाे हमेशा देशहित में होता है और आगे भी सरकार और आयोग उनके मामले में सही निर्णय लेंगे.

''मेहनत के हिसाब से मिलनी चाहिए सही पोस्ट''

रिंकू सिंह राही की भाई की पत्नी नीलम राही अपने जेठ रिंकू के इस्तीफे को लेकर कहा कि उन्होंने जो फैसला लिया है. ये फैसला रिंकू की मेहनत के अनुरूप बिल्कुल सही है. उनका मानना है कि एक आईएएस अधिकारी को उसकी क्षमता के अनुसार जिम्मेदारी और पोस्ट मिलनी चाहिए. चाहे वो फील्ड में हो या प्रशासनिक स्तर पर. उन्होंने कहा कि रिंकू सिंह राही काबिल और ईमानदार इंसान हैं. जो व्यक्ति सात गोलियां खाने के बाद भी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटता. परिवार की चिंता किए बिना देशहित में काम करता है वो इस तरह की जिम्मेदारी का हकदार है. नीलम ने बताया कि राही हमेशा अपनी परेशानियां खुद तक ही सीमित रखते हैं. परिवार को चिंता में नहीं डालते. उनका स्वभाव ऐसा है कि वो किसी को परेशान नहीं करना चाहते. उन्होंने यह भी कहा कि राही की इच्छा हमेशा से फील्ड में जाकर समाज की सेवा करने की रही है और उन्हें इसका मौका मिलना चाहिए.

इस्तीफा के पीछे बताई ये वजह

इस्तीफा देते समय रिंकू सिंह राही ने जो वजहें बताई हैं, वे काफी गंभीर हैं. सूत्रों के अनुसार उन्होंने कहा कि राज्य में एक समांतर व्यवस्था चल रही है जो संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को काम करने से रोकती है. उन्हें सरकार से सैलरी तो मिल रही थी लेकिन जनसेवा का कोई वास्तविक मौका नहीं दिया जा रहा था. उन्होंने इसे एक नैतिक निर्णय बताते हुए कहा कि बिना काम किए सिर्फ वेतन लेना उन्हें मंजूर नहीं है. वह पिछले काफी समय से राजस्व विभाग में पोस्टिंग का इंतजार कर रहे थे, लेकिन जब उन्हें लगा कि उन्हें काम करने नहीं दिया जाएगा, तो उन्होंने पद छोड़ना ही बेहतर समझा.

शाहजहांपुर की उठक बैठक वाली वो घटना

वहीं करीब 8 महीने पहले जब वह वहां एसडीएम के पद पर तैनात हुए तो उन्होंने तहसील परिसर की दीवार पर पेशाब करने वाले कुछ लोगों को टोक दिया. और उन्हें सजा के तौर पर उठक-बैठक लगवाई. इस बात पर वकीलों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया.रिंकू सिंह का कहना था कि उन्होंने इसलिए माफी मांगवाई क्योंकि वो लोग पेशाब कर रहे थे और गंदगी फैला रहे थे. वकीलों ने तर्क दिया कि आपके तहसील पर इतनी गंदगी है, आपके यहां आवारा जानवर घूमते हैं, टॉयलेट इतने गंदे हैं और भी कई सारी समस्याएं बताई. इस पर रिंकू सिंह ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है और आप सभी की बातें सही हैं. इसके बाद वे बोले क्या आप उठक-बैठक ला सकते हो? इस पर रिंकू सिंह ने कहा हां मेरी गलती है तो लगा सकता हूं. इसके बाद रिंकू सिंह राही ने खुद सार्वजनिक रूप से वकीलों के सामने कान पकड़कर उठक-बैठक लगाई और माफी मांगी. उनका कहना था कि अगर सिस्टम में गंदगी है और वह उसे साफ नहीं कर पा रहे हैं तो इसके जिम्मेदार वह खुद भी हैं. इस घटना के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया और वह काफी समय से नई पोस्टिंग के इंतजार में थे.

तबादलों और संघर्षों से भरा रहा करियर

आईएएस बनने के बाद भी रिंकू सिंह राही का करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा. कभी अलीगढ़, कभी भदोही तो कभी ललितपुर, उनके तबादलों का सिलसिला थमा नहीं. बताया जाता है कि साल 2018 में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें सस्पेंशन झेलना पड़ा था. रिंकू सिंह राही की पहचान एक ऐसे अधिकारी की रही है जो नियमों के साथ समझौता नहीं करते. उनके पिता ने भी राष्ट्रपति से न्याय की उम्मीद जताई है और कहा है कि उनके बेटे ने जो भी किया है वह देश हित में किया है. एक चक्की चलाने वाले का बेटा आज फिर उसी मोड़ पर खड़ा है जहां वह सिस्टम की कमियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहा है.

कौन हैं IAS रिंकू सिंह राही?

रिंकू सिंह राही उत्तर प्रदेश के एक साधारण परिवार से आते हैं. उनके माता-पिता आटा चक्की चलाकर घर का खर्च पूरा करते थे. इसी संघर्ष के बीच पढ़कर रिंकू पीसीएस अधिकारी बने. साल 2008 09 में मुजफ्फरनगर में समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए उन्होंने 800 करोड़ से ज्यादा के घोटाले का पर्दाफाश किया था. इससे गुस्साए माफियाओं ने उन पर 9 गोलियां दाग दी. इसमें से 7 गोलियां उन्हें लगीं. हमले में उनका जबड़ा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, एक आंख की रोशनी भी चली गई. इन सब के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और 2021 में यूपीएससी की परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बने.

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