क्या इमरान मसूद के परिवार को तोड़ ले आए अखिलेश यादव!

रजत सिंह

21 Aug 2026 (अपडेटेड: Aug 21 2026 9:05 AM)

अखिलेश यादव ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के दामाद सयान मसूद को सपा में शामिल कराकर सहारनपुर में मसूद के राजनीतिक किले में बड़ी सेंध लगाई है. सहारनपुर में सपा-कांग्रेस के बीच जारी रार के बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने सरधना विधानसभा सीट से विनीत भराला को उतारकर नया सियासी समीकरण खड़ा कर दिया है.

अखिलेश यादव
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. पश्चिमी यूपी के कद्दावर नेता और सहारनपुर से कांग्रेस-सपा गठबंधन के सांसद इमरान मसूद को बड़ा झटका लगा है. एक तरफ जहां इमरान मसूद की समाजवादी पार्टी के विधायक आशु मलिक से तीखी बहस का वीडियो सामने आया, वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने इमरान मसूद के सगे दामाद सयान मसूद को सपा में शामिल कराकर बड़ा सियासी दांव चल दिया है. इसके साथ ही, बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने भी सरधना सीट से जाट प्रत्याशी विनीत भराला की घोषणा कर पश्चिमी यूपी का समीकरण गरमा दिया है.

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सहारनपुर में 'दिशा' बैठक में भिड़े इमरान मसूद और आशु मलिक

हाल ही में सहारनपुर में आयोजित प्रशासनिक 'दिशा' बैठक के दौरान मंच पर ही कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और देहात सीट से सपा विधायक आशु मलिक आपस में भिड़ गए. नियमों और सवालों को लेकर दोनों नेताओं के बीच तगड़ी बहस देखने को मिली. इस तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ, जिसके बाद पश्चिमी यूपी के इंडिया (INDIA) गठबंधन में रार की खबरें और तेज हो गईं.

अखिलेश यादव का 'मास्टरस्ट्रोक': दामाद सयान मसूद सपा में शामिल

आशु मलिक से हुए विवाद के ठीक अगले दिन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इमरान मसूद के राजनीतिक किले में बड़ी सेंध लगा दी. इमरान मसूद के सगे दामाद सयान मसूद और उनके साथ सजान मसूद ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली. इस जॉइनिंग के दौरान बेहट से सपा विधायक उमर अली खान मौजूद रहे.

ध्यान देने योग्य बात यह है कि बेहद सीट को लेकर ही इमरान मसूद और अखिलेश यादव के बीच पुरानी सियासी खुन्नस रही है, क्योंकि कांग्रेस छोड़कर सपा में आने के दौरान इमरान मसूद इस सीट पर दावेदारी चाहते थे.

इमरान मसूद के बयान के बाद बदला सियासी समीकरण

हाल ही में इमरान मसूद ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में कहा था कि वह 2027 के चुनावों में अपने परिवार (बेटा, दामाद या भतीजा) से किसी को टिकट नहीं दिलवाएंगे. उन्होंने तर्क दिया था कि जिन कार्यकर्ताओं ने उन्हें 2024 में जिताया है, वे ही उनका असली परिवार हैं और चुनाव लड़ने का हक उनका है. इस बयान के बाद माना जा रहा है कि सयान मसूद को लगा कि इमरान मसूद के साथ उनका सियासी भविष्य तय नहीं हो पा रहा है, जिसके चलते उन्होंने समाजवादी पार्टी की राह चुन ली.

सरधना सीट पर मायावती का 'जाट दांव'

सहारनपुर के साथ-साथ मेरठ की चर्चित सरधना विधानसभा सीट पर भी बसपा सुप्रीमो मायावती ने बड़ा दांव खेला है:

  • बसपा ने सरधना से विनीत भराला को अपना उम्मीदवार घोषित किया है.
  • टिकट मिलने के बाद विनीत भराला ने सपा के 'पीडीए' (PDA) नारे पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पिता ने 27 साल पहले ही सरधना में सर्वसमाज का असली पीडीए तैयार कर दिया था.
  • सरधना में अब तक की लड़ाई मुख्य रूप से सपा के अतुल प्रधान (गुर्जर) और भाजपा के संगीत सोम (राजपूत) के बीच केंद्रित रही है. ऐसे में विनीत भराला के मैदान में उतरने से जाट मतदाताओं को एक नया सियासी विकल्प मिल गया है.

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