'जब तक बेहोश नहीं हुआ, तब तक मारा'... अमेठी थाने में दलित युवक के साथ हैवानियत, पुलिस पर लगा बिजली के झटके देने का आरोप

Amethi News: अमेठी के जामो थाने में एक दलित युवक के साथ कथित तौर पर मारपीट और थर्ड डिग्री टॉर्चर का मामला सामने आया है. पुलिस ने आरोपों को निराधार बताया है, जबकि भीम आर्मी और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

बिहार बोर्ड
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सुषमा पांडेय

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उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से खाकी को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है. यहां जामो थाने की पुलिस पर एक दलित युवक को 'थर्ड डिग्री' देने और बिजली के करंट लगाने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. नगीना सांसद और भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने भी इस मामले में दखल देते हुए पीड़ित परिवार से बात की है.

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क्या है पूरा मामला?

मामला अमेठी के जामो थाना क्षेत्र के अलीपुर गांव का है. बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले इलाके में एक ट्रांसफार्मर चोरी हो गया था. पुलिस ने शक के आधार पर बिजली विभाग में काम करने वाले दलित कर्मचारी खुशीराम को पूछताछ के लिए थाने बुलाया. परिजनों का आरोप है कि थाने में खुशीराम के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसे तब तक मारा गया जब तक वह अधमरा नहीं हो गया. आरोप यहाँ तक है कि पुलिस ने उसे बिजली के झटके भी दिए.

परिजनों के गंभीर आरोप

खुशीराम के भाई संग्राम का कहना है कि जब वे थाने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें गालियां देकर भगा दिया. अगली सुबह फोन आने पर जब वे अस्पताल पहुँचे, तो खुशीराम बेहोशी की हालत में था. परिजनों का कहना है कि पुलिस वाले उसे मरणासन्न हालत में अस्पताल छोड़कर फरार हो गए थे. पीड़ित युवक के शरीर पर चोट के गहरे निशान पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं.

चंद्रशेखर आजाद ने दिखाई सख्ती

घटना की जानकारी मिलते ही भीम आर्मी के कार्यकर्ता पीड़ित परिवार की मदद के लिए पहुंच गए. सांसद चंद्रशेखर आजाद ने खुद वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित की मां से बात की. बातचीत के दौरान मां बिलख-बिलख कर पुलिस की बर्बरता की दास्तां सुनाती रही. चंद्रशेखर आजाद ने इस मामले में कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों से घटना की पूरी रिपोर्ट और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.

पुलिस का पक्ष गिरने से आई चोट

वहीं, दूसरी ओर पुलिस इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर रही है. जामो थाना प्रभारी विनोद सिंह का कहना है कि युवक को मिर्गी की बीमारी है. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के लिए बुलाए गए खुशीराम ने खुद बताया था कि लकड़ी ले जाते समय गिरने की वजह से उसे चोटें आई हैं. पुलिस का दावा है कि तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया और उपचार के बाद भाई के सुपुर्द कर दिया गया. मारपीट के आरोप पूरी तरह निराधार हैं. 

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