Ravi Yadav Encounter Jaunpur: उत्तर प्रदेश के जौनपुर में बीते दिनों बारात के दौरान दूल्हे आजाद बिंद की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस हाईप्रोफाइल मर्डर केस में वांछित 1 लाख रुपये के इनामी बदमाश रवि यादव को पुलिस ने गोरारी इलाके में एक कथित मुठभेड़ में ढेर कर दिया. पुलिस इस कार्रवाई को अपनी बड़ी कामयाबी मान रही है, लेकिन रवि यादव के परिजनों ने इस एनकाउंटर को पूरी तरह से 'टार्गेटेड मर्डर' करार देते हुए सूबे की सियासत में भूचाल ला दिया है.
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"ओम प्रकाश राजभर ने मोटी रकम लेकर अपनों को बचाया"
रवि यादव के परिजनों ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर पर बेहद संगीन और सीधे आरोप लगाए हैं. रवि के बड़े भाई दीपक यादव और बुआ शर्मिला ने आरोप लगाते हुए कहा, "बिगाड़ने के लिए ओम प्रकाश राजभर खुद आगे आए. जिसके ऊपर 14 से 16 मुकदमे दर्ज हैं (भोले राजभर और शोले राजभर), उनका तो उन्होंने नाम तक नहीं लिया. रवि पर सिर्फ 5 से 6 मुकदमे थे, लेकिन उसे मुख्य आरोपी की तरह हाईलाइट कर दिया गया." परिजनों ने सनसनीखेज दावा किया कि ओम प्रकाश राजभर ने मोटी रकम लेकर अपने बिरादरी के मुख्य आरोपियों (भोले राजभर और प्रदीप बिंद) को अपनी शरण में छिपा लिया है और वे अभी भी फरार हैं, जबकि पुलिस ने सिर्फ 'यादव' होने के नाते रवि यादव को आगे करके उसका एनकाउंटर कर दिया.
"पुलिस ने चोरी-छिपे लाश को जलाया"
रवि यादव के भाई दीपक ने पुलिस प्रशासन पर धोखा देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उनके पिता जेल में बंद हैं, जिन्हें धोखे से यह कहकर रामघाट ले जाया गया कि बॉडी घर जाएगी. परिजनों का कहना है कि उन्होंने पुलिस से बहुत मन्नतें कीं कि शव को आखिरी बार घर ले जाने दिया जाए, लेकिन पुलिस ने 'लिखित नियम न होने' का बहाना बनाकर शव नहीं सौंपा. परिजनों ने आरोप लगाया, "प्रशासन ने हमसे चोरी की और गुपचुप तरीके से घाट पर शव को जला दिया ताकि सच छिपाया जा सके."
अखिलेश यादव के सामने रखी बड़ी शर्त
रवि की बुआ शर्मिला ने इस मामले में सीधे समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को आवाज दी है. उन्होंने कहा, "जैसे राजभर अपने बिरादरी के लोगों को बचाने के लिए उनके दरवाजे पर गए, वैसे ही हमारे भाई अखिलेश यादव को भी हमारे दरवाजे पर आना होगा. हम पक्के सपाई हैं, लेकिन जब तक अखिलेश यादव हमारे घर नहीं आएंगे, तब तक हम लोग वोट नहीं देंगे."
क्या था पूरा मामला?
यह पूरा खूनी खेल 1 मई को सरायख्वाजा इलाके में शुरू हुआ था, जब आजाद बिंद अपनी शादी की बारात लेकर जा रहे थे. रास्ते में घात लगाए बदमाशों ने दूल्हे की कार पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं, जिससे दूल्हे की मौके पर ही मौत हो गई. जांच में पता चला कि लड़की का एक रिश्तेदार प्रदीप बिंद इस शादी से नाराज था और उसने भोले राजभर और रवि यादव के साथ मिलकर इस हत्याकांड की साजिश रची थी. 24 मई की रात पुलिस ने रवि यादव को मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया, जिसमें एक इंस्पेक्टर भी घायल हुए हैं.
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