Kanpur Lamborghini accident case: कानपुर के चर्चित लेम्बोर्गिनी हादसा मामले में अदालत ने पुलिस की ज्यूडिशियल रिमांड की अर्जी खारिज कर दी है. आज यानी गुरुवार को आरोपी को शिवम मिश्रा को कोर्ट में पेश किया गया था. यहां उन्होंने खुद अपना पक्ष रखा और अपना केस लड़ा. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस जांच से जुड़े नोटिस पर भी सवाल उठाए.अदालत ने शिवम मिश्रा को जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया है.
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कोर्ट के आदेश के अनुसार शिवम मिश्रा को 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा किया जाएगा.गौरतलब है कि कानपुर पुलिस ने शिवम मिश्रा को आज सुबह ही गिरफ्तार किया था. शिवम बंशीधर टोबैको ग्रुप के मालिक केके मिश्रा के बेटे हैं. उन पर अपनी लैंबॉर्गिनी कर से लोगों को टक्कर मारने का आरोप है.
वकीलों के घेरे में एम्बुलेंस से निकला आरोपी
कोर्ट परिसर में सुनवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और वहां भारी पुलिस बल तैनात रहा. जब शिवम को कोर्ट लाया गया था, तब उनका चेहरा खुला था और वे लंगड़ाते हुए चल रहे थे. लेकिन जमानत मिलने के बाद जब वे बाहर आए, तो उन्होंने मास्क पहन रखा था. वकीलों की एक बड़ी टीम ने उन्हें चारों तरफ से कवर कर रखा था ताकि मीडियाकर्मी बात न कर सकें. इसके बाद शिवम को सीधे एक एम्बुलेंस में बिठाकर वहां से ले जाया गया.
क्या था पूरा लैंबॉर्गिनी हादसा मामला?
यह पूरा मामला बीते रविवार कानपुर का है. यहां वीआईपी रोड पर एक तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी ने कुछ राहगीरों को टक्कर मार दी थी. घटना के बाद एक वीडियो वायरल हुआ था. इसमें लैंबॉर्गिनी कार से आरोपी शिवम के बाउंसर नंबर प्लेट हटाते दिखे थे. वहीं इसमें आरोपी को ड्राइविंग सीट की तरफ से उतरते हुए नजर आ रहा था. हालांकि, परिवार ने पहले मोहन नाम के एक ड्राइवर को पेश कर मामला घुमाने की कोशिश की थी. लेकिन पुलिस ने फर्जी कहानी बताकर खारिज कर दिया था. वहीं मामले में लापरवाही बरतने पर ग्वालटोली इंस्पेक्टर को पहले ही लाइन हाजिर किया जा चुका है.
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