Kanpur Maharajpur Satyam Death Case: उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र स्थित नजबगढ़ घाट गांव में 14 साल के सत्यम की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है. शुरुआती दौर में परिजनों ने इसे बीमारी के चलते हुई मौत करार दिया था, लेकिन ग्रामीणों के शक और पुलिस की जांच में घटना का सच सामने आया है.
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बीमारी की कहानी और गले पर निशान
11 सितंबर 2026 को गांव में 14 साल के मासूम सत्यम की मौत की खबर सामने आई. सत्यम की मां ने दावा किया कि बेटे के पेट में दर्द था और बीमारी की वजह से उसने दम तोड़ दिया. हालांकि, ग्रामीणों ने जब बच्चे के गले पर निशान देखे, तो उन्हें मामला संदिग्ध लगा. गांव में मां के प्रेम संबंधों की चर्चा पहले से थी, जिसके चलते ग्रामीणों ने पुलिस को हत्या की आशंका की सूचना 112 पर दी.
सूचना मिलते ही महाराजपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भिजवाया. सत्यम का पिता मुंबई में नौकरी करता है, जो खबर मिलते ही कानपुर पहुंचा.
छोटे बेटे की पूछताछ में सामने आई खौफनाक सच्चाई
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट न होने के कारण विसरा सुरक्षित रखा गया. डीसीपी सत्यजीत गुप्ता के निर्देश पर एसीपी आशुतोष सिंह ने जब परिजनों से दोबारा पूछताछ की, तो छोटे बेटे ने पूरी घटना बयां कर दी.
छोटे भाई ने बताया कि सत्यम ने अपनी मां को फोन पर किसी से बात करते हुए देखा था. सत्यम ने मां को उस व्यक्ति से बात करने से रोका, जिस पर मां ने उसे डांट दिया. डांट से आहत होकर 14 साल के सत्यम ने गुस्से में अपनी जीवन लीला समाप्त करने जैसा खौफनाक कदम उठा लिया. घटना के बाद मां और छोटे भाई ने उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक सत्यम की सांसें थम चुकी थीं.
बीमारी की बात बोलने का बनाया था दबाव
छोटे भाई ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद मां ने उस पर दबाव बनाया था कि बाहर किसी को इस बात की जानकारी नहीं देनी है और सभी को बीमारी से मौत की बात बतानी है.
मामले पर डीसीपी सत्यजीत गुप्ता का कहना है कि पुलिस को कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है और न ही बच्चे की हत्या की पुष्टि हुई है. पुलिस विसरा रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है.
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