डेढ़ किलो के गर्म पत्थर से कर रहा था पाइल्स का इलाज, अचानक बॉडी में कर गया एंटर...कानपुर के शख्स की ऐसे बची जान!

रंजय सिंह

07 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 7 2026 4:36 PM)

Kanpur News: कानपुर में पाइल्स के इलाज के लिए गर्म पत्थर से सिकाई करना एक शख्स की जान पर भारी पड़ गया. करीब डेढ़ किलो का पत्थर शरीर के अंदर फंस गया, जिसके बाद उर्सला जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने X-Ray कर ऑपरेशन के जरिए पत्थर बाहर निकाला. समय पर इलाज से मरीज की जान बच गई. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.

Kanpur Hospital News
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भारत में अक्सर मेडिकल साइंस की बातें होती है और देश इस क्षेत्र में दिन-प्रतिदिन आगे बढ़ भी रहा है. कई बार तो पड़ोसी देश के लोग भी भारत के डॉक्टरों से इलाज कराने के लिए आते हैं और यहां से स्वस्थ होकर अपने घर लौटते है. बावजूद इस उपलब्धि के देश में आज भी ऐसे हजारों लोग मौजूद है जो अपनी बीमारी के इलाज के लिए डॉक्टरों के बजाय नीम-हकीम पर ज्यादा विश्वास करते हैं. ऐसे में कई बार इलाज के चक्कर में मरीज की जिंदगी भी संकट में आ जाता है.

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कुछ ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर से सामने आया है, जहां नीम-हकीम के चक्कर में इलाज करवाना मरीज को इतना महंगा पड़ा कि बात उसकी जान पर आ गई. आलम यह हुआ कि पाइल्स का इलाज करा रहा युवक ना तो चल पा रहा था और धीरे-धीरे उसकी हालात यूं बिगड़ी कि उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालांकि डॉक्टरों की सूझबूझ और सही समय से इलाज होने के कारण युवक की जान बच गई और अब वह ठीक है. आइए विस्तार से जानते है पूरी कहानी.

नीम-हकीम की सलाह पर पत्थर से कर रहा था सिकाई

मामला कानपुर से सामने आया है. यह अपने पाइल्स यानी बवासीर की समस्या से परेशान युवक ने इलाज के लिए डॉक्टरों की जगह नीम-हकीम को चुना. नीम-हकीम को दिखाने के बाद उनकी सलाह पर वह डेढ़ किलो की गर्म पत्थर से अपनी पाइल्स की सिकाई करने लगा. मरीज ने बताया है कि शुरुआत में उसे कतई अंदाजा नहीं था कि वह जो कर रहा इतना जानलेवा साबित हो सकता है. इसी बीच सिकाई के दौरान अचानक वह डेढ़ किलो का पत्थर उसकी बॉडी के अंदर चला गया. पहले तो उसे कुछ समझ नहीं आया कि यह कैसे हुआ, लेकिन धीरे-धीरे दर्द बढ़ने लगा.

स्थिति बिगड़ते ही पहुंचा अस्पताल

बॉडी के अंदर पत्थर जाने के बाद मरीज की स्थिति धीरे-धीरे बिगड़नी शुरू हो गई. आलम ऐसा हुआ कि मरीज ना तो चल पा रहा था और उसकी हालत बद से बदतर होते जा रही थी. स्थिति खराब होते देख मरीज के परिजनों ने उसे कानपुर के उर्सला जिला अस्पताल लेकर पहुंचे. डॉक्टरों के पूछने पर मरीज ने पहले पूरी बात नहीं बताई. वह सिर्फ कह रहा था कि पाइल्स है. जिला अस्पताल में मौजूद डॉक्टर प्रशांत मिश्रा ने चेकअप शुरू किया. लेकिन मामला पाइल्स से इतर लगने पर उन्होंने X-Ray कराने का फैसला लिया.

X-Ray देख सभी हुए हैरान, हुआ ऑपरेशन

डॉक्टर प्रशांत मिश्रा कि सिफारिश पर जब मरीज का X-Ray हुआ तो वह देखकर सभी चौंक गए. X-Ray में मरीज के शरीर के अंदर एक बड़ा-सा पत्थर दिखाई दिया. इसे देख डॉक्टर ने मरीज से दोबारा पूछताछ किया. पहले तो मरीज हिचकिचा रहा था, लेकिन डॉक्टर के बार-बार पूछने पर उसने बताया कि, नीम-हकीम के सलाह पर गर्म पत्थर से पाइल्स की सिकाई कर रहा था, तभी वह बॉडी के अंदर घुस गया. स्थिति की गंभीरता को समझते हुए डॉक्टर प्रशांत मिश्रा ने ऑपरेशन करने का प्लान किया और फिर अपनी पूरी टीम को तैयार किया. कई घंटों तक ऑपरेशन करने के बाद टीम ने मरीज के शरीर से डेढ़ किलो का पत्थर बाहर निकाला. ऑपरेशन के बाद मरीज को अस्पताल में निगरानी में रखा गया. डॉक्टरों के मुताबिक, फिलहाल मरीज की स्थिति बेहतर है और वह आराम कर रहा है.

मरीज ने मानी गलती, डॉक्टरों ने दी सलाह

ऑपरेशन के बाद हॉस्पिटल बेड पर ही मरीज ने अपनी गलती मान ली है. उसने कहा कि काफी तेज दर्द हो रहा था और इसी वजह से नीम-हकीम की सलाह पर वह पत्थर से सिकाई करने लगा था. लेकिन अब उसे समझ आ गया है और वह दोबारा ऐसी गलती नहीं करेगा. वहीं डॉक्टर प्रशांत मिश्रा ने लोगों से अपील की है कि अगर आपको कोई भी परेशानी है तो उसे डॉक्टर से बताने शर्माए नहीं बल्कि उसका सही तरीके से इलाज कराएं.

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