कानपुर में चर्चित विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस की जांच वहां पहुंच गई जहां तक न पहुंचने के लिए इमोशनल स्वांग रचे गए थे. रोना-धोना और इमोशनल बातों से आगे जब पुलिस जांच के साथ बढ़ी तो ये हत्या महज लूट की वरदात से आगे साजिश में बदल गई. एक ऐसी साजिश जिसमें सबकुछ पहले से तय था. हर तैयारी पुख्ता थी. बस एक गलती हो गई नहीं तो इसे नेचुरल डेथ का एंगल देकर हमेशा-हमेशा के लिए केस को खत्म कर देने का षड्यंत्र शायद सफल हो जाता.
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कानपुर पुलिस ने बताया कि विनित मिनोचा की हत्या मामले में पकड़े गए एक आरोपी ने ही पूरे हत्याकांड की परतें खोल दी हैं. अब पूरा मामला 'करोड़पति ससुर और बेटे-बहू के खर्च पर कंट्रोल' की तरफ शिफ्ट हो गया है. पूरे हत्याकांड की कहानी ही बदल गई है. पुलिस को जो साक्ष्य मिले हैं उस आधार पर उसने परिवार से ही एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.
पुराना नौकर क्यों निकला गया ?
जब पुलिस ने आरोपियों को एनकाउंट में पकड़ा तो पुराने नौकर वाली कहानी सामने आई. पता चला पकड़ा गया एक आरोपी विशाल विनित मिनोचा के घर पहले नौकर हुआ करता था. आरोप है कि 6 साल पहले वो घर में पैसों की चोरी करता पकड़ा गया था. उस वक्त उसे नौकरी से निकाल दिया गया था. विशाल को घर के हर एक कोने, दरवाजे और खिड़कियों से लेकर छुपने और भागने के रास्ते पता थे. सवाल ये है कि 6 साल बाद विशाल ने बदला लिया है या फिर लूट-पाट की नीयत से उसने ऐसा कदम उठाया है. लेकिन पुलिस की पूछताछ में जैसे ही विशाल ने 'भाभी जी' नाम लिया, पूरी कहानी ही पलट गई.
आरोपी बोला- 'भाभी ने कहा था'
पुलिस की पूछताछ में आरोपी विशाल ने कहा कि 'भाभी ने कहा था'. भाभी मतलब विनीत मिनोचा की बहू शालू. अब तो कहानी घरेलू होने लगी. पुलिस की जांच आगे बढ़ी. पता चला कि जिस रात विनीत मिनोचा की हत्या हुई उस रात सोसायटी के गार्ड को एक फोन आया था. फोन पर बोला गया- शुभम आएगा तो रजिस्टर में एंट्री मत करना. अब पुलिस इसे भी जांच की कड़ियों में शामिल कर रहा है और कड़ी से कड़ी जोड़कर आगे बढ़ रही है.
हत्या वाली रात बेटे-बहू की पार्टी
जिस रात विनीत मिनोचा की हत्या हुई उस शनिवार की रात करीब 9:36 बजे सुब्रत, उनकी पत्नी शालू और उनका छह साल का बेटा घर से पार्टी के लिए निकले. जब ये निकले तब फ्लैट में कोई नहीं था. विनीत मिनोचा भी कहीं बाहर गए थे. CCTV के मुताबिक आरोपी परिवार वालों के निकलने के करीब 10 मिनट बाद फ्लैट में दाखिल हुए और छुप गए. आरोपी करीब 72 से 75 मिनट तक घर के अंदर छिपे रहे. आरोपियों के एंटर होने से लेकर वारदात को अंजाम देकर जाने तक की पूरी टाइमलाइन 112 मिनट की थी.
प्लान कुछ और था पर हो कुछ और गया
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने कथित तौर पर जो पूछताछ में बताया...उन्हें तकिया से मुंह दबाकर मारने को कहा गया था. दरअसल इस हत्या को हार्ट अटैक का रंग देने की तैयारी थी, लेकिन ये हो न सका. वे बेटे-बहू के कमरे में जाकर छुप गए पर ऐन वक्त पर पूरा प्लान बदना पड़ा. दरअसल रात करीब 10:58 बजे विनीत मिनोचा घर लौटे. तभी तक बेटे और बहू लौटे नहीं थे. इधर किसी काम से विनीत मनोचा बेटे-बहू के कमरे में चले गए और लाइट जला दी. आरोपी दरवाजे के पीछे छुपे थे जो अचानक सामने आ गए. इससे पहले कि विनीत शोर मचा पाते, आरोपियों ने चाकू से कई वार कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया. आरोपियों ने कमरे में कपड़े बदले और वहां से फरार हो गए.
पुलिस के मुताबिक उन्होंने हत्या में इस्तेमाल होने वाला हथियार और आरोपियों के खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं. इधर अगले दिन तड़के 4 बजे सुब्रत और शालू अपने बेटे के साथ पार्टी से लौटकर आए. फ्लैट का दरवाजा खुला था. दोनों भीतर गए. अंदर फर्श पर खून था. विनीत मनोचा का शव पड़ा देख. नजारा देख दोनों जोर-जोर से चीखने लगे. सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लिया.
बहू शालू फूट-फूटकर रोई
हत्या का मामला सामने आने के बाद बहू शालू फूट-फूटकर रोने लगी. सबसे ज्यादा दुखी बहू ही दिखी. लोग उसे ढांढस बंधा रहे थे. कथित रूप से वो लगातार कह रही थी कि ससुर बड़े अच्छे थे. बड़ा ध्यान रखते थे. घर में सबसे बड़े मेंबर के जाने के बाद सभी दुखी थे और पूरे मामले को लूट और हत्या के एंगल से देखा जा रहा था. पर पुलिस की जांच ने सबको सकते में डाल दिया.
सामने आई ये कहानी
कथित तौर पर एक कहानी सामने आई है जिससे इस पूरे हत्याकांड का कनेक्शन जोड़ा जा रहा है. दरअसल विनीत मनोचा दवा कारोबार से लंबे समय से जुड़े थे और शहर के जाने-माने कारोबारी थे. अच्छा पैसा होने के बावजूद बेटे और बहू के खर्चों पर नियंत्रण रखते थे. बहू को लगता था कि घर में अच्छा खास पैसा होने के बावजूद वो अपने हिसाब से जिंदगी नहीं जी पा रही है. इधर हत्याकांड के बाद घर ने पैसा गायब था और न ही जेवरात. फिर लूट के बाद हत्या वाली थ्यौरी भी फिट नहीं बैठ रही थी.
फ्लैट की चाबी आरोपी तक कैसे पहुंची
सवाल ये है कि बेटे-बहू के जाने के बाद आरोपी विशाल तक फ्लैट की चाबी कैसे पहुंची. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके पास पहले से ही फ्लैट की चाबी थी. हालांकि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं साजिश के तहत फ्लैट की एक चाबी आरोपी को तो नहीं दी गई थी.
6 लाख की फिरौती का मामला भी सामने आया
आरोपियों ने कथित तौर बताया कि 6 लाख की सुपारी तय किए जाने की बात सामने आई है. 2 लाख रुपए हत्या के बाद देने और बाकी 4 लाख रुपए करीब 15 दिन के भीतर देने की बात तय हुई थी. यानी ये तो साफ है कि ये हत्या अचानक नहीं हुई है बल्कि ये सुनियोजित साजिश है.
हत्याकांड में सामने ये अहम एंगल
इस पूरे हत्याकांड में बेटे-बहू के खर्चों पर नियंत्रण, फ्लैट की चाबी आरोपी के पास होना, आरोपी के घर में एंट्री का टाइम, आरोपी का पुराना नौकर होना, गार्ड के पास फोन कर रजिस्टर में एंट्री पर रोक जैसे कई बिंदू इस पूरे मामले की अलग कहानी कहते नजर आ रहे है. इधर पुलिस ने आरोपी बहू को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस मामले की गहराई से तहकीकात कर रही है.
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