लखनऊ कांग्रेस दफ्तर बना अखाड़ा, आराधना मिश्रा के स्वागत में अजय राय और ममता चौधरी के समर्थकों में चले लात-घूंसे, जानें क्या है पूरा मामला

न्यूज तक डेस्क

• 01:39 PM • 12 Oct 2026

लखनऊ कांग्रेस कार्यालय में नई अध्यक्ष आराधना मिश्रा के स्वागत समारोह के दौरान पूर्व अध्यक्ष अजय राय और नेत्री ममता चौधरी के समर्थक आपस में भिड़ गए, जिससे पार्टी की पुरानी अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है.

अजय राय ममता चौधरी
अजय राय ममता चौधरी
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लखनऊ का मॉल एवेन्यू स्थित उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय किसी कुश्ती के अखाड़े में तब्दील हो गया. मौका था पार्टी की नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' के चार्ज संभालने का, लेकिन जश्न का यह माहौल चंद मिनटों में सियासी दंगल में बदल गया. पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और महिला कांग्रेस नेत्री ममता चौधरी के समर्थक आपस में ऐसे भिड़े कि दफ्तर के अंदर ही कुर्सियां खिसक गईं और हाथापाई शुरू हो गई.

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आइए जानते हैं कि इस सनसनीखेज हंगामे की असल वजह क्या है और दोनों पक्षों की तरफ से क्या कुछ सामने आया है.

कैसे भड़की चिंगारी? दफ्तर में क्यों मचा घमासान?

रविवार को जब पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अपने समर्थकों के साथ पार्टी दफ्तर पहुंचे तो वहां का माहौल पहले से ही सुलग रहा था. चर्चा है कि जैसे ही अजय राय अंदर दाखिल हुए, महिला कांग्रेस नेता ममता चौधरी ने तंज कसते हुए तल्ख लहजे में कह दिया, "ये यहां क्या कर रहे हैं? इनकी शक्ल कोई नहीं देखना चाहता!"

यह बात आग में घी का काम कर गई. अजय राय यह टिप्पणी सुनते ही गुस्से से लाल हो गए और उनके समर्थक भी भड़क उठे. देखते ही देखते बात गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गई. हंगामा इतना बढ़ गया कि वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और इमरान मसूद को खुद बीच-बचाव करना पड़ा, तब जाकर मामला किसी तरह शांत हुआ.

दोनों तरफ से क्या सफाई आई?

घटना के बाद अजय राय बेहद गुस्से में नजर आए. उन्होंने दो टूक कहा कि पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए. जो लोग पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं, उन पर सख्त एक्शन होना चाहिए. वहीं दूसरी तरफ ममता चौधरी ने रोते हुए और आक्रामक तेवर में अपना पक्ष रखा. उनका कहना था कि वे तो बस नई अध्यक्ष आराधना मिश्रा के स्वागत के लिए रास्ता क्लियर करवा रही थीं, तभी अजय राय उन पर चीखने लगे. उन्होंने आरोप लगाया कि अजय के साथ आए कुछ बाहरी लोगों ने उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की.

क्या है अजय और ममता की पुरानी रार?

राजनीतिक गलियारों की मानें तो अजय राय और ममता चौधरी के बीच की यह खटास काफी पुरानी है. जब अजय राय प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर थे, तब भी ममता खुलकर उनके फैसलों की मुखालफत करती थीं. यह भी चर्चा है कि अजय राय को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने के पीछे ममता चौधरी और यूपी प्रभारी की अहम भूमिका रही है, जिससे अजय अंदर ही अंदर खासे नाराज चल रहे थे. इसके अलावा, ममता के पति मनीष तिवारी की नजदीकियां वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी से बताई जाती हैं, जिसके कारण उन्हें आराधना मिश्रा के खेमे का करीबी माना जाता है.

आखिर कौन हैं ममता चौधरी?

ममता चौधरी यूपी कांग्रेस कमेटी में महिला विंग (मध्य क्षेत्र) की अध्यक्ष हैं और दलित समुदाय (धोबी जाति) से आती हैं. वह लखनऊ के मालवीय नगर वार्ड से कांग्रेस की पार्षद हैं और नगर निगम में पार्टी का चेहरा हैं. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें लखनऊ की मोहनलालगंज सुरक्षित सीट से मैदान में उतारा था, हालांकि उस चुनाव में उन्हें महज 2,990 वोट ही मिल पाए थे.

कुल मिलाकर, ऐन चुनावी माहौल से पहले कांग्रेस दफ्तर में हुई इस धक्का-मुक्की और गुटबाजी ने पार्टी हाईकमान की नींद जरूर उड़ा दी है. अब देखना यह है कि यह अंदरूनी कलह पार्टी को कितना नुकसान पहुंचाती है और आलाकमान इस पर क्या एक्शन लेता है.

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