Lucknow Manvendra Singh Murder Case: लखनऊ में हुए मानवेंद्र सिंह हत्याकांड ने हर किसी को हैरान कर दिया है. इस मामले में आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह से पूछताछ जारी है. घटना को लेकर हर पल नए अपडेट्स सामने आ रहे हैं, जिससे मामला और पेचीदा होता जा रहा है. इस हत्याकांड ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैँ. पिता की हत्या करने के बाद बेटी के बर्ताव को लेकर भी कई सवाल पूछे जा रहे हैं. इन सब के बीच अब मामले में हमारे सहयोगी आज तक ने मृतक मानवेंद्र की बहन यानी आरोपी की बुआ सरला से बात की है. मानवेंद्र की बहन ने इस घटना को लेकर कई चौंकाने वाली बातें बताई हैं. उन्होंने बताया कि जिस भाई ने अपनी बहनों के लिए पिता जैसा फर्ज निभाया और उनका कन्यादान किया उसी के बेटे ने घर के चिराग को बुझा दिया. सरल ने और क्या क्या बताया विस्तार से पढ़ें इस खबर में...
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गहरी नींद का फायदा उठाकर बेटे ने किया शिकार
घटना वाली रात का जिक्र करते हुए मृतक की बहन ने बताया कि मानवेंद्र सिंह एक शादी समारोह से देर रात करीब डेढ़ बजे घर लौटे थे. वे काफी थके हुए थे और गहरी नींद में सो रहे थे. आरोपी अक्षत ने इसी बात का फायदा उठाया. तड़के करीब साढ़े चार बजे जब मानवेंद्र बेखबर सो रहे थे तो अक्षत ने अपनी सोती हुई बहन के बगल में लेटे पिता पर लाइसेंसी राइफल से गोली चला दी. उस वक्त मानवेंद्र को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
चश्मदीद बेटी ने सुनाई उस खौफनाक पल की कहानी
आरोपी की बहन के अनुसार, उनकी भतीजी ने बताया कि वह अपने पिता के हाथ पर सिर रखकर सो रही थी तभी अचानक गोली चलने की आवाज से उसकी आंख खुली. उसके कान सुन्न हो गए थे. जब उसने अपने भाई अक्षत से पूछा कि उसने यह क्या किया, तो अक्षत ने इसे गलती और गुस्से का नाम दिया. डरी-सहमी मासूम बच्ची अगले चार दिनों तक नीचे के फ्लोर पर अपनी चाची के पास रही और ऊपर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सकी.
बहन ने बताया पिता जैसे थे भाई
मृतक की बहन ने बताया कि मानवेंद्र भाई नहीं हमारे बाप थे जैसे थे. उन्होंने ही उनकी शादी कराई और कन्यादान किया. जब भी वे फोन करतीं, मानवेंद्र हमेशा उनके साथ खड़े रहते थे. वे अक्सर कहते थे कि चिंता मत करना जब भी जरूरत होगी वे तुरंत साथ मिलेंगे. उन्होंने बताया कि मानवेंद्र अपनी बहनों और छोटे भाई बहनों के लिए हमेशा सहारा बने रहे और उन्हें अच्छे संस्कार दिए. बहन ने कहा कि आज मुझे पछतावा हो रहा था कि मेरा भाई अब कभी मुझे देखने को नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि भाई हमेशा भरोसा दिलाते थे कि किसी भी परेशानी में वे साथ खड़े रहेंगे लेकिन अब वही सहारा हमेशा के लिए छिन गया है.
अक्षत ने पिता की हत्या क्यों की?
हत्या की असली वजह को लेकर अभी भी जांच जारी है, लेकिन कुछ अहम बिंदु सामने आए हैं. बताया जा रहा है कि मानवेंद्र चाहते थे कि उनका बेटा नीट की तैयारी करे और डॉक्टर बने. उन्होंने यहां तक कहा था कि अगर सरकारी कॉलेज नहीं मिला तो वे प्राइवेट कॉलेज की भारी फीस भरकर भी उसे डॉक्टर बनाएंगे. हालांकि, अक्षत का मन बिजनेस करने का था. इसके अलावा मानवेंद्र की पत्नी की मौत के बाद उनके दूसरी शादी करने के विचार ने भी घर में तनाव पैदा कर दिया था जिसे लेकर अक्सर विवाद होता था.
अंतिम वीडियो कॉल और भाई की वो आखिरी बातें
मानवेंद्र की बहन ने रोते हुए अपनी आखिरी बातचीत को याद किया. उन्होंने बताया कि घटना से कुछ समय पहले ही उनकी वीडियो कॉल पर बात हुई थी. मानवेंद्र अपनी बाइक पर फोन सेट करके अपनी बहन से बात कर रहे थे और बार-बार उनका हाल पूछ रहे थे. बहन को जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह उनके भाई का आखिरी चेहरा होगा. आज पूरा परिवार इस बात से सदमे में है कि जिस बेटे को उन्होंने इतने लाड प्यार और संस्कारों के साथ पाला, उसके मन में अपने ही पिता के लिए इतनी नफरत कैसे भर गई.
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