'सुहागरात पर आधे-आधे खर्चे... ब्लिंकिट के टमाटर', प्रज्ञा मिश्रा ने बहन दिव्या और मानस को लेकर किए चौंकाने वाले खुलासे

गौरांशी श्रीवास्तव

21 Aug 2026 (अपडेटेड: Aug 21 2026 12:21 PM)

लखनऊ में बैंक अधिकारी दिव्या मिश्रा की हत्या के बाद पति के वॉट्सऐप स्टेटस पर उठे सवालों का जवाब देते हुए मशहूर यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा ने मानस को साइको बताया. उन्होंने खुलासा किया कि मानस शादी के पहले दिन (सुहागरात) से ही दिव्या पर अत्याचार कर रहा था और उसी ने दिव्या के साथ अपनी बहन की हत्या की.

प्रझा मिश्रा- दिव्या मिश्रा
प्रझा मिश्रा- दिव्या मिश्रा
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को हुए खौफनाक हत्याकांड ने पूरे शहर को सन्न कर दिया. आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) की अफसर दिव्या मिश्रा की उनके ही पति मानस वाजपेयी ने बेदर्दी से हत्या कर दी. इसके बाद सनकी मानस ने अपनी बहन को मारा और फिर खुद की भी जान ले ली. 

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इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पुलिस जब छानबीन में जुटी तो मानस का एक वॉट्सऐप स्टेटस सामने आया. इस स्टेटस में उसने अपनी पत्नी दिव्या पर धोखा देने का आरोप लगाया था. साथ ही, दिव्या की बहन और मशहूर यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा व उनके पति भरत यादव का नाम घसीटते हुए दावा किया कि उन्हें सब पता था. सोशल मीडिया पर उठते सवालों के बीच बहन खोने के गम में डूबीं प्रज्ञा मिश्रा ने करीब 15 घंटे बाद अपनी चुप्पी तोड़ी. एक भावुक फेसबुक पोस्ट के जरिए उन्होंने मानस के हर आरोप की धज्जियां उधेड़ दीं.

सुहागरात पर थमाई थी खर्चों की लिस्ट

प्रज्ञा ने मानस को 'साइको हत्यारा' करार देते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए:

दिव्या ने प्रज्ञा को बताया था कि सुहागरात की ही रात मानस ने घर के खर्चों का हिसाब बनाकर उसके हाथ में थमा दिया था और आधा खर्च उठाने को कहा था. अगर क्विक-कॉमर्स ऐप (ब्लिंकिट) से मंगाए गए टमाटरों में एक भी टमाटर खराब निकल जाता तो मानस दिव्या की पिटाई कर देता था. प्रज्ञा का दावा है कि मानस और उसकी बहन ने मिलकर अपनी बीमार मां को इतना पीटा था कि उनकी मौत हो गई थी. प्रज्ञा के मुताबिक, दिव्या इस दरिंदगी से तंग आकर अलग होना चाहती थी. फैमिली कोर्ट में काउंसलिंग के दौरान भी मानस ने काउंसलर से झगड़ा किया था.

करने वाली थी तीज का व्रत

प्रज्ञा ने बताया कि हाल ही में भारी मानसिक तनाव के कारण दिव्या का एक्सीडेंट हो गया था, जिससे उसके हाथ-पैर टूट गए थे. डेढ़-दो महीने के बेड रेस्ट के बाद वह अभी लंगड़ाकर ऑफिस जाने लगी थी. इतने जुल्म सहने के बाद भी दिव्या रिश्ता बचाने की कोशिश कर रही थी. उसने अपने हाथ से मानस के नाम का टैटू नहीं मिटवाया था और आने वाले 'तीज' के व्रत की तैयारी कर रही थी. उसे उम्मीद थी कि शायद उसका पति सुधर जाए, लेकिन उसे क्या पता था कि वह अपनी जिंदगी की आखिरी सांसें गिन रही है.

ट्रोलर्स और मीडिया साथियों को करारा जवाब

सोशल मीडिया पर उंगली उठाने वालों और इस वारदात में राजनीति तलाश रहे लोगों को प्रज्ञा ने सीधे शब्दों में जवाब दिया:

"मैंने 9 साल की पत्रकारिता में हमेशा सामने वाले की आंखों में आंखें डालकर बात की है, कभी नजरें झुकाकर काम नहीं किया. मतभेद होना अलग बात है, लेकिन किसी की त्रासदी पर मनभेद मत रखिए. मैंने अपनी जिंदगी में कभी कोई अनैतिक काम नहीं किया और न कभी करूंगी."

परिवार में मातम, मां से छिपाई गई बेटी की मौत

घटना के बाद से पूरे परिवार में कोहराम मचा है. तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. सबसे दर्दनाक बात ये है कि दिव्या की मां काफी बीमार हैं. बेटी के कत्ल की खबर से बेखबर मां को सिर्फ इतना बताया गया है कि दिव्या की तबीयत बहुत ज्यादा खराब है.

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