उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रदेश का राजनीतिक और प्रशासनिक पारा बढ़ा दिया है. वीडियो में पुलिस अधिकारी कैमरे के सामने अपनी नेमप्लेट दिखाते हुए और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम लेते हुए मूंछों पर ताव देते नजर आ रहे हैं.
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मामला गरमाने के बाद जहां समाजवादी पार्टी के समर्थक अधिकारी पर वर्दी की अकड़ और राजनीतिक पूर्वाग्रह का आरोप लगा रहे हैं, वहीं खुद अखिलेश यादव ने इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है.
अखिलेश यादव का तंज: "सिर पर सत्ता-सजातीय हाथ है..."
वीडियो वायरल होने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर पुलिस अधिकारी और सरकार पर हमला बोला.अखिलेश यादव ने लिखा- "सिर पर सत्ता सजातीय हाथ है, इसलिए इनकी मूछों पर ताव है. ऐसे लोगों से क्या होना इंसाफ है, पर अब यह कुछ दिनों की बात है क्योंकि दस्तक दे रहा बदलाव है. हम निलंबन की मांग नहीं करेंगे." अखिलेश यादव ने अधिकारी के निलंबन की मांग तो नहीं की, लेकिन पुलिस की निष्पक्षता और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए.
क्या है विवाद की मुख्य वजह?
पूरे विवाद की शुरुआत 30 अगस्त 2026 की शाम एलाऊ थाना क्षेत्र के आघार गांव में हुई एक वारदात से जुड़ी है. ट्रक का बिजली केबल से तार टकराने के विवाद में बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिसमें ट्रक के 22 वर्षीय हेल्पर सुभाष कुमार की सिर में गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ड्राइवर कुलदीप घायल हो गया.
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और घायल चालक के बयान के आधार पर आरोपी मोहित यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. हालांकि, गांव के मौजूदा प्रधान पक्ष का आरोप था कि फायरिंग पूर्व प्रधान के बेटे कन्हैया यादव ने की है और वे पुलिस पर निर्दोष को बचाने और फर्जी केस दर्ज करने का दबाव बना रहे थे.
पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा और वायरल वीडियो
31 अगस्त को पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मृतक के परिजन और स्थानीय लोग कन्हैया यादव की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा कर रहे थे. इसी दौरान परिजनों ने अधिकारियों का वीडियो बनाना शुरू किया और चेतावनी दी कि यह वीडियो बड़े नेताओं तक भेजा जाएगा.
इसी दौरान तैश में आए सीओ अशोक सिंह ने कैमरे के सामने अपनी नेमप्लेट दिखाई और कहा कि 'यह वीडियो अखिलेश यादव तक भेज दो' और मूंछों पर ताव दे दिया.
सीओ अशोक सिंह की सफाई
विवाद बढ़ने पर सीओ अशोक सिंह ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है. उन्होंने कहा, "पुलिस तकनीकी साक्ष्यों (सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन) के आधार पर पूरी तरह निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है. कन्हैया यादव घटना के समय मौके से 30 किमी दूर था. कुछ लोग पुलिस पर अनुचित राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे और मुझे जाति विशेष का बता रहे थे. इसी के जवाब में मैंने कहा था कि वीडियो किसी को भी भेज दें, हम कानून के मुताबिक निष्पक्ष काम कर रहे हैं." फिलहाल इस घटना के बाद से मैनपुरी में तनाव और प्रशासनिक हलचल बनी हुई है.
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