Attack on Ashutosh Brahmachari: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) मामले में शिकायत दर्ज कराकर चर्चा में आए आशुतोष पांडे ने आरोप लगाया है कि उन पर जानलेवा हमला हुआ है और हमलावर उनकी 'नाक' काटकर अपने गुरु के चरणों में चढ़ाना चाहता था.
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आशुतोष पांडे के मुताबिक यह पूरी घटना उस समय हुई जब वह गाजियाबाद से ट्रेन पकड़कर प्रयागराज जा रहे थे. सुबह का वक्त था पांडे अपनी सीट से उठकर बाथरूम की तरफ गए. उन्होंने बताया कि वहां पहले से ही एक शख्स घात लगाकर खड़ा था. ताज्जुब की बात यह थी कि उस वक्त न तो आसपास कोई यात्री मौजूद था और न ही कोई पुलिसकर्मी. जैसे ही आशुतोष आगे बढ़े उस अज्ञात व्यक्ति ने उन पर हमला बोल दिया. देखते ही देखते बात हाथापाई तक पहुंच गई.
नाक काटकर गुरु के चरणों में चढ़ाऊंगा
इस हमले के दौरान जो बात सामने आई वो और भी हैरान करने वाली है. पांडे का दावा है कि हमलावर उनकी नाक काटना चाहता था. संघर्ष के दौरान आरोपी ने चिल्लाकर कहा कि वह आशुतोष की नाक काटकर अपने गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में अर्पित करना चाहता है.
किसी तरह अपनी जान बचाते हुए आशुतोष ने खुद को बाथरूम के भीतर लॉक कर लिया. वहीं से उन्होंने फौरन पुलिस को फोन घुमाया और अपनी आपबीती सुनाई.
सरकार से सुरक्षा और साक्ष्यों की गुहार
इस हमले में आशुतोष पांडे को शरीर पर कई जगह चोटें आई हैं. अब उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और यूपी पुलिस से सुरक्षा की मांग की है. पांडे ने एक बड़ी अपील करते हुए कहा कि उनके पास मामले से जुड़े जो भी अहम दस्तावेज और सबूत (अभिलेख) हैं उन्हें सही-सलामत हाईकोर्ट तक पहुंचाया जाए. उन्हें डर है कि उनकी आवाज दबाने के लिए उन पर और भी हमले हो सकते हैं.
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है लेकिन इस घटना ने एक बार फिर हाई-प्रोफाइल मामलों में गवाहों और शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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