सैलरी से असंतुष्ट मजदूरों के गुस्से की चिंगारी मानेसर से पहुंची दिल्ली-NCR, ऐसे शुरू हुआ विवाद, जानिए मामले की पूरी कहानी

नोएडा फेज-2 में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा कर्मचारियों का प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया. सोमवार को यहां सैकड़ों श्रमिक सड़कों पर उतर आए, फैक्ट्रियों में घुसकर उन्हें बंद करवाया गया, गाड़ियों में आग लगा दी गई. हरियाणा के मानेसर से शुरू हुआ यह आंदोलन अब NCR में फैलता नजर आ रहा है.

Noida workers protest
Noida workers protest

नीरज वशिष्ठ

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Noida workers protest: नोएडा के फेज 2 इलाके में सोमवार को पिछले तीन दिनों से चल रहा प्राइवेट कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन अचानक उग्र हो उठा. सैलरी वृद्धि की मांग को लेकर सैकड़ों की संख्या में श्रमिक सड़कों पर उतर आए और इस दौरान जमकर तोड़फोड़ की गई. प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस वाहन सहित दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. घटना के जो वीडियो सामने आए हैं, उनमें आक्रोशित कर्मचारी जबरन फैक्ट्रियों और कंपनियों को बंद कराते हुए नजर आ रहे हैं.

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नोएडा के सेक्टर 59, 60 और 62 में भी प्रदर्शनकारियों ने फैक्ट्रियों के अंदर घुसकर नुकसान पहुंचाया है. नाेएडा में हुए इस प्रर्दशन की शुरुआत बीते 2 अप्रैल को हरियाणा के मानेसर से हुई थी. क्या हुआ था हरियाणा में इस दिन? क्यों आखिर ये वर्कर प्रर्दशन कर रहे हैं और क्या है वो घटना जिसके बाद मामल बिगड़ा? चलिए जानते हैं इस खबर में...

सबसे पहले जानिए कहां से शुरू हुआ प्रर्दशन

इस पूरे आंदोलन की शुरुआत हरियाणा के मानेसर हुई. यहां के IMT मानेसर के HMSI (होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर प्लांट में 3 अप्रैल 2026 को दोपहर 2 बजे के करीब अस्थाई कर्मियों ने न्यूनतम सैलरी बढ़ाने जाने को लेकर प्रोटेस्ट किया. .इसके बाद रिचा ग्लोबल जैसी नामी एक्सपोर्ट कंपनियों के हजारों कर्मचारी भी इस मांग में शामिल हो गए. धीरे-धीरे यह मांग एक दर्जन से अधिक कंपनियों तक फैल गई.

इस बीच 6 अप्रैल से हजारों कर्मचारियों ने काम बंद कर हड़ताल की घोषणा कर दी. कर्मचारियों की मांग थी की महंगाई बढ़ने के साथ-साथ उनका न्यूनतम वेतनमान बढ़ाया ही नहीं गया. उन्होंने कहा कि सिलेंडर के दाम 500 रुपये किलो तक बढ़ गए. ऐसा ही अन्य सामान जैसे दाल चावल, आटा आदि तेल सब महंगा हो गया है, अब अब इतनी सैलरी में गुजारा होना मुश्किल हो रहा है.

प्रशासन की चूक से बिगड़ मामला?

इस दौरान हड़ताल कर रहे मजदूरों का कहना है कि 11 हजार रुपये के वेतन में घर चलाना और बच्चों को पढ़ाना नामुमकिन हो गया है. हालांकि, दबाव बढ़ता देख हरियाणा सरकार ने बुधवार शाम को अकुशल और कुशल मजदूरों के न्यूनतम सैलरी में बढ़ोतरी कर दी थी, लेकिन जिला प्रशासन ये जानकारी मजदूरों तक पहुंचाने में विफल रहा. जानकारी के अभाव में जब मजदूर गुरुवार सुबह फिर से प्रदर्शन करने पहुंचे तो वहां पुलिस ने बल प्रयोग और लाठीचार्ज कर दिया. इसके जवाब में भड़के मजदूरों ने पुलिस के पेट्रोलिंग वाहनों को आग लगा दी और कंपनियों में तोड़फोड़ की.

इसके बाद मामला बिगड़ता देख जिला प्रशासन ने सीसीटीवी की मदद से तकरीबन 56 उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज किया. सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. हालांकि, उसके बाद से IMT मानेसर में माहौल शांत जरूर दिखाई दे रहा है, लेकिन जानकारी के मुताबिक न्यूनतम वेतमान को लेकर मजदूरो में अभी भी गुस्सा बरकरार है. 

हरियाणा सरकार के इस फैसले के बाद भी गुस्सा बरकरार

हरियाणा के मंत्री अनिल विज के अनुसार, प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से न्यूनतम वेतन में 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी लागू कर दी है. अब अकुशल श्रमिक को 15220 रुपये और उच्च कुशल श्रमिक को 19425 रुपये तक का वेतन मिलेगा. हालांकि, इस फैसले के बाद भी मजदूरों में गुस्सा कम नहीं हुआ है.

16 अप्रैल को गुरुग्राम में एक बड़े प्रोटेस्ट की तैयारी

फिलहाल, 10 अप्रैल को हुई गिरफ्तारियों के बाद मानेसर में शांति है, लेकिन 16 अप्रैल को गुरुग्राम में एक बड़े प्रोटेस्ट की तैयारी की खबरें सामने आ रही हैं. इसी वेतन वृद्धि की तर्ज पर अब नोएडा और दिल्ली-एनसीआर के अन्य हिस्सों में भी कर्मचारी सड़क पर उतर आए हैं.

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