पिता के कत्ल के बाद इंस्टाग्राम लॉक, दोस्त को कॉल किया और फिर रची लाश ठिकाने लगाने की साजिश, मानवेंद्र हत्याकांड में नया खुलासा 

लखनऊ के आशियाना इलाका में पिता मानवेंद्र की हत्या के बाद आरोपी भाई-बहन ने पकड़े जाने से बचने की हर मुमकिन कोशिश की थी. हत्या के बाद दोनों का इंस्टाग्राम प्राइवेट करना, भाई का दोस्त को फोन करना और बहन का सामान्य तरीके से स्कूल जाकर परीक्षा देना, पुलिस अब इन कड़ियों को जोड़कर पूरी साजिश का पर्दाफाश कर रही है.

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समर्थ श्रीवास्तव

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का आशियाना इलाका इन दिनों काफी चर्चा में है. पुलिस मानवेंद्र हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी हुई है. पुलिस की रडार पर मानवेंद्र सिंह के बेटे अक्षत और बेटी कृति है. जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद दोनों भाई-बहन का व्यवहार बेहद चौंकाने वाला था.

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डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश?

हत्या के तुरंत बाद अक्षत और कृति ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट प्राइवेट (लॉक) कर दिए. पुलिस इसे महज इत्तेफाक नहीं मान रही. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अक्सर अपराधी पकड़े जाने के डर या अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए ऐसा करते हैं. पुलिस अब इनके सोशल मीडिया चैट्स और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है ताकि कत्ल से पहले और बाद की बातचीत का सच सामने आ सके.

पहला फोन कॉल और बदली योजना

सूत्रों के मुताबिक, पिता को गोली मारने के बाद अक्षत ने सबसे पहले अपने एक करीबी दोस्त को फोन किया था. उसने जुर्म कबूल कर सरेंडर करने की बात कही थी, लेकिन फिर बहन के अकेले पड़ जाने के डर से उसने इरादा बदल दिया. इसके बाद ही शव को टुकड़ों में काटकर ठिकाने लगाने की खौफनाक योजना बनाई गई.

लाश के पास सोए, बहन देने गई परीक्षा

पिता की हत्या के बाद दोनों भाई-बहन घर में बिल्कुल सामान्य बने रहे. जिस कमरे में शव के टुकड़े रखे थे, दोनों वहीं सोते रहे. इतना ही नहीं, बहन कृति शक से बचने के लिए लगातार 20 और 21 फरवरी दो दिन स्कूल गई और अपनी 11वीं की परीक्षा भी दी.

तीन साल पुराना विवाद फिर चर्चा में

करीब तीन वर्ष पहले मानवेंद्र ने बेटे और बेटी के खातों में लगभग पांच लाख रुपये ट्रांसफर किए थे. इसके बाद अक्षत छह पन्नों का पत्र लिखकर घर छोड़ गया था. उसने खुद को व्यवसायी बताया था. अब पुलिस उस पत्र की भी जांच कर रही है.

दूसरी शादी और बढ़ती सख्ती

मोहल्ले के लोगों का कहना है कि हाल के महीनों में मानवेंद्र घर में सख्ती बरत रहे थे. उन्होंने दूसरी शादी पर भी विचार किया था. सूत्रों का दावा है कि यह बात अक्षत को पसंद नहीं थी. पुलिस इस एंगल को भी गंभीरता से देख रही है.

लोकेशन बदलकर जांच भटकाने की कोशिश?

तकनीकी जांच में सामने आया कि 20 फरवरी को अक्षत काकोरी गया और वहां फोन ऑन किया. पुलिस का मानना है कि इससे आखिरी लोकेशन घर की बजाय काकोरी दिखाने की कोशिश की गई.

अक्षत की निशानदेही पर नादरगंज के पास नहर किनारे झाड़ियों से शव के कटे हाथ-पैर बरामद हुए. ट्रांसपोर्ट नगर रेलवे ट्रैक के पास से दो चाकू और दो आरी मिलीं. शव ठिकाने लगाने के लिए नीला ड्रम और आरी खरीदे जाने की भी पुष्टि हुई है.

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