धर्मनगरी वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर में उस वक्त हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन से पहले पुलिस और सेवायत गोस्वामियों के बीच भारी नोकझोंक हो गई. विवाद इतना बढ़ गया कि एक सेवायत गोस्वामी ने गुस्से में आकर पुलिस के सामने ही अपने कपड़े फाड़ लिए. फिलहाल इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. आइए विस्तार से जानते हैं मामले की पूरी कहानी.
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क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने वाले थे. सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने मंदिर परिसर में मौजूद सेवायत गोस्वामियों और उनके परिवारों को वहां से बाहर जाने को कहा.
गोस्वामियों का आरोप है कि उन्हें मंदिर परिसर से जबरन हटाया जा रहा था. जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस शुरू हो गई. आरोप है कि पुलिस के दुर्व्यवहार और बदसलूकी से आहत होकर एक गोस्वामी ने चीख-चीखकर विरोध जताया और अपने कपड़े फाड़ लिए.
गोस्वामियों का गुस्सा: 'हम कोई आतंकवादी नहीं'
घटना के बाद गोस्वामी समाज में भारी आक्रोश है. मंदिर के सेवायतों का कहना है कि वे वर्षों से यहां सेवा कर रहे हैं और मुख्यमंत्री पहले भी कई बार आ चुके हैं, लेकिन ऐसा व्यवहार कभी नहीं हुआ. एक सेवायत ने कहा, 'हमसे कहा गया कि सुरक्षा कारणों से हटिए, क्या हम आतंकवादी हैं? हम तो बस मुख्यमंत्री जी से शांतिपूर्ण तरीके से बात करना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने हमारे साथ बर्बरता की.'
गोस्वामियों का यह भी दावा है कि उन्हें एक कमरे में बंद करने की कोशिश की गई और महिलाओं के साथ भी अभद्रता की गई. उन्होंने इस पूरी घटना को 'नौकरशाहों की बर्बरता' करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में पुलिस और गोस्वामियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और बहस होती देखी जा सकती है. हालांकि, इस पूरे मामले पर फिलहाल पुलिस के आला अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं.
यहां देखें वीडियो
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