यूपी पुलिस का 'लाइट, कैमरा, एक्शन' फेल! बेगुनाहों को अपराधी बनाने का 'स्क्रिप्टेड' वीडियो वायरल, पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
UP Police viral video: अलीगढ़ में यूपी पुलिस का एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मी बेगुनाह युवकों को अपराधी बनाने के लिए स्क्रिप्टेड एक्शन करते नजर आए. जेब से चाकू निकालकर युवक की जेब में रखने का वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया. मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं और संबंधित पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है.

उत्तर प्रदेश की पुलिस का एक नया कारनामा सामने आया है, जिसे देखकर हर कोई दंग हो रहा है. अलीगढ़ में पुलिस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मी फिल्मी स्टाइल में बेगुनाह युवकों को अपराधी बनाने की साजिश रचते नजर आ रहे हैं. इस फर्जी 'एक्शन' का भंडाफोड़ एक स्थानीय निवासी ने मोबाइल से वीडियो बनाकर कर दिया. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी कहानी.
जेब से चाकू निकालकर युवक की जेब में रखा
मामला अलीगढ़ के थाना अकराबाद क्षेत्र की पनौठी चौकी का है. वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो दारोगा और कुछ पुलिसकर्मी सड़क किनारे खड़े दो युवकों को रोकते हैं. पहले तो उनसे सामान्य बातचीत होती है, लेकिन फिर अचानक चेकिंग का नाटक शुरू होता है. वीडियो में दिख रहा है कि एक पुलिसकर्मी अपनी जेब से चाकू निकालता है और चुपके से एक युवक की जेब में रख देता है. इसके बाद, कैमरे के सामने उसी चाकू की बरामदगी दिखाकर युवकों को अपराधी करार दिया जाता है.
छत पर खड़े शख्स ने खोल दी पोल
पुलिस को इस बात का जड़ा भी अंदाजा नहीं था कि जो फेक अरेस्ट का वीडियो वे खुद के रिकॉर्ड के लिए बनवा रहे हैं, उसे कोई और भी रिकॉर्ड कर रहा है. पास ही की छत पर खड़े एक व्यक्ति ने पुलिस की इस पूरी करतूत को अपने मोबाइल में कैद कर लिया. करीब 4 मिनट के इस वीडियो में पुलिस की स्क्रिप्टेड गिरफ्तारी और झूठी बरामदगी की पूरी पटकथा साफ नजर आ रही है.
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सोशल मीडिया पर लोग कस रहे तंज
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. यूजर्स ने तंज कसते हुए लिखा, 'अपराधियों पर लगाम लगाने वाली खाकी खुद अपराधी बनाने के खेल में लगी है.' लोगों ने सवाल उठाया कि जब कानून के रक्षक ही इस तरह का खिलवाड़ करेंगे, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करेगी.
जांच के आदेश, पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
मामला तूल पकड़ते ही पुलिस के आला अधिकारी हरकत में आए. डीएसपी संजीव तोमर ने बताया कि यह वीडियो करीब 2 महीने पुराना है, जब मोबाइल लूट के एक मामले में कार्रवाई की जा रही थी. हालांकि, वीडियो में दिख रही संदिग्ध कार्यशैली के बाद मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए हैं. फिलहाल, इसमें शामिल सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है. यूपी पुलिस अपनी अनोखी कार्यशैली के लिए अक्सर चर्चा में रहती है, लेकिन इस फर्जी एक्शन ने एक बार फिर खाकी की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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