साल 2025 के खत्म होते ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई सरगर्मियां शुरू हो गई हैं. बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती के लिए 2026 बेहद अहम माना जा रहा है. पार्टी इसे सिर्फ एक और साल नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को फिर से खड़ा करने का मौका मान रही है.
ADVERTISEMENT
संसद में शून्य होने का खतरा
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 2026 के आखिर तक संसद के दोनों सदनों से बसपा का नाम लगभग मिट सकता है. लोकसभा में तो पहले ही पार्टी का कोई सांसद नहीं है और राज्यसभा में मौजूद इकलौते सदस्य का कार्यकाल भी इसी साल खत्म होने वाला है. करीब चार दशक में यह पहला मौका होगा जब संसद में बसपा का कोई प्रतिनिधि नहीं बचेगा. यही वजह है कि इस साल को पार्टी के लिए “अग्निपरीक्षा” कहा जा रहा है.
पंचायत चुनाव होंगे सेमीफाइनल
मायावती ने 2026 के पंचायत चुनावों को 2027 का “सेमीफाइनल” मान लिया है. उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दिया है कि अब गांव-गांव जाकर संगठन को फिर से मजबूत करना होगा. खासतौर पर दलित वोटरों से फिर से जुड़ने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि पार्टी पर लगी “बी टीम” वाली छवि को तोड़ा जा सके और ग्रामीण इलाकों में खोई जमीन वापस पाई जा सके.
मुस्लिम वोट और नए समीकरण
पश्चिमी यूपी में मुस्लिम वोट बैंक की वापसी बसपा की रणनीति का अहम हिस्सा है. पिछले चुनावों में सपा-कांग्रेस गठबंधन के चलते यह वर्ग बसपा से दूर होता चला गया था. लेकिन 2026 में मायावती नए समीकरण साधने की कोशिश में हैं, ताकि दलित-मुस्लिम गठजोड़ को दोबारा जिंदा किया जा सके.
गठबंधन या ‘एकला चलो’?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि बसपा अकेले मैदान में उतरेगी या किसी बड़े दल से हाथ मिलाएगी. फिलहाल पार्टी “एकला चलो” की नीति पर कायम है. हालांकि जानकारों का मानना है कि अगर गठबंधन हुआ तो मुस्लिम और दलित वोटों का बंटवारा रुक सकता है और पार्टी को सीधा फायदा मिल सकता है.
कोर वोट बैंक को फिर से जगाने की कोशिश
जाटव समाज आज भी बसपा की रीढ़ माना जाता है, लेकिन गैर-जाटव और शहरी दलित वोटरों में पार्टी के प्रति ठंडापन बढ़ा है. मायावती की कोशिश है कि इस वर्ग को फिर से सक्रिय किया जाए और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाए.
कुल मिलाकर 2026 बसपा के लिए सिर्फ एक साल नहीं, बल्कि सियासी अस्तित्व की लड़ाई बनता जा रहा है. अब देखना होगा कि मायावती का यह मास्टरप्लान 2027 में पार्टी को कितनी ऊंचाई तक ले जाता है.
ये भी पढ़ें: शख्स की पीठ पर सटाई मशीन और बोले- अभी बता देगी...बाग्लादेशी हो या इंडियन, गाजियाबाद पुलिस कारनामा हुआ वायरल
ADVERTISEMENT

