उत्तर प्रदेश के मेरठ से सामने आया नील ड्रम केस तो याद ही होगा, जहां मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या कर दी थी. फिर हत्या के सबूत मिटाने के शव के टुकड़े-टुकड़े कर उसे एक नीले ड्रम में रखकर शव को सीमेंट से पैक कर दिया था. अब इस मामले में बुधवार को सुनवाई हुई है और जिला अदालत ने मुस्कान और साहिल दोनों को ही दोषी करार दिया है. हालांकि मामले में अभी सजा नहीं सुनाई गई, लेकिन दोनों दोषी करार दिए गए है. इसी बीच एक जानकारी सामने आई है कि जैसे ही मुस्कान-साहिल को दोषी ठहरा दिए गए है, दोनों ही रोने लगे. फिर दोनों रोते-रोते ही अपने बैरक में वापस चले गए. विस्तार से जानिए पूरी बात.
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दुपट्टे से मुस्कान पोंछ रही थी आंसू
बीते कल यानी बुधवार को जिला कारागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शाम करीब 4:45 बजे मु्स्कान और साहिल की पेशी हुई. इस दौरान जिला अदालत में फैसला सुनाते हुए दोनों को दोषी ठहराया. लेकिन जैसे ही मुस्कान और साहिल की दोषसिद्धि हो गई, दोनों में रोना शुरू कर दिया. जानकारी के मुताबिक, वहां मौजूद जेलकर्मियों ने उन्हें शांत कराने की कोशिश की, फिर भी दोनों का रोना नहीं रुक रहा था. मुस्कान अपने दुपट्टे से बार-बार आंसू पोंछ रही थी तो वहीं साहिल अपने हाथों से ही आंसू पोंछ रहा था. इसी हालात में दोनों को वापस बैरक में भेज दिया गया.
मामले में सुनवाई के दौरान मृतक सौरभ की मां रेनू देवी, भाई बबलू समेत परिवार के कई सदस्य अदालत में मौजूद रहें. अदालत का फैसला आते ही सौरभ के परिजनों ने राहत जताई और दोनों ही आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है.
फैसले से पहले ही बदल गए थे दोनों के व्यवहार
मुस्कान और साहिल को लेकर एक और बड़ी जानकारी सामने आई है. वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि, मुस्कान और साहिल जेल में सामान्य तरीके से जिंदगी जी रहे थे. लेकिन जैसे ही फैसला का वक्त नजदीक आया, दोनों के ही व्यवहार में बदलाव देखने को मिला. मुस्कान पिछले कुछ दिनों से अपना ज्यादा समय पूजा-पाठ में बिताने लगी और वह भगवान शिव की पूजा करती थी. वहीं साहिल जेल में बंद दूसरे बंदियों से ज्यादा बातचीत नहीं करता था. सौरभ हत्याकांड से जुड़े सवालों से बचने के लिए वह अक्सर चुप रहता और अपने काम में लगा रहता था.
मुस्कान ने जताई थी ये इच्छा
जेल अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, मुस्कान ने अपने माता-पिता और बड़ी बेटी से मिलने की इच्छा जताई थी. इस पर अधिकारियों का कहना था कि अगर उसके माता-पिता मिलने आते है तो नियमा के अनुसार मिलवाया जाएगा, लेकिन किसी भी परिजन को विशेष रूप से बुलाकर मुलाकात नहीं कराई जाती है. यहीं नहीं अधिकारियों के मुताबिक, अब तक मुस्कान से मिलने उसके परिवार से कोई भी जेल नहीं आया है.
कब होगी सजा?
जानकारी के मुताबिक, मामले में दोषसिद्ध हो जाने के बाद अब अदालत 15 बाद इस मामले में सजा सुना सकती है. हालांकि अभी तक इसे लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है. अब अगली सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों को सजा के बिंदु पर सुना जाएगा और इसके बाद ही कोर्ट सजा सुनाएगी. वहीं सौरभ के वकील विजय बहादुर ने बताया है कि अभियोजन पक्ष से मामले में अधिकतम सजा यानी मृत्युदंड की मांग की जाएगी, हालांकि अदालत अपने विवेक के आधार पर तय करेगी की दोनों को क्या सजा देना है.
नीला ड्रम हत्याकांड की पूरी कहानी
सौरभ राजपूत 24 फरवरी 2025 को लंदन से मेरठ अपने घर लौटा था. अगले दिन यानी 25 फरवरी को मुस्कान ने उनके लौटने की खुशी में घर पर एक पार्टी रखी. इसके कुछ दिन बाद कहानी ने खतरनाक मोड़ ले लिया. 3 मार्च को मुस्कान ने सौरभ के खाने में नींद की गोलियां मिलाकर उसे बेहोश कर दिया. फिर उसने अपने प्रेमी साहिल को घर बुलाया और बेहोशी के हालत में शव के टुकड़े कर दिए. हत्या के सबूत को मिटाने के लिए दोनों ने कटे हुए शव के टुकड़े को एक नीले ड्रम में रखकर उसे सीमेंट से पैक कर दिया था.
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