पुलिस को चकमा देकर बाइक से मेरठ पहुंचे सांसद चंद्रशेखर आजाद ने क्यों कहा कि यमराज छुट्टी पर हैं या गहरी नींद में हैं?

सरिता तिवारी

10 Jan 2026 (अपडेटेड: Jan 11 2026 12:45 AM)

Meerut Dalit Woman Murder: मेरठ के कपसाड़ में दलित महिला की हत्या और बेटी के किडनैपिंग केस ने तूल पकड़ लिया है. सांसद चंद्रशेखर आजाद पुलिस की घेराबंदी तोड़कर पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और सरकार से पूछा कि बेटियों का अपमान करने वालों के लिए यमराज अब तक क्यों नहीं आया.

Chandrashekhar Azad Meerut News
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Chandrashekhar Azad Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या और बेटी के अपहरण करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इस लेकर शनिवार को मेरठ हाईवे पर खूब गहमा गहमी हुई. नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के चीफ चंद्रशेखर आजाद पीड़ित परिवार से मिलने के लिए मेरठ पहुंचे. इसी दौरान गाजियाबाद से लेकर मेरठ तक पुलिस के साथ उनकी भारी खींचतान देखने को मिली. 

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दरअसल, जब चंद्रशेखर आजाद गाजियाबाद के रास्ते मेरठ जा रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. इस दौरान सांसद और पुलिस कर्मियों के बीच तीखी बहस और धक्कामुक्की हो गई.पुलिस ने उनकी गाड़ी रोक दी. ऐसे में चंद्रशेखर  पैदल ही आगे निकल गए और फिर एक राहगीर की बाइक पर बैठकर पुलिस को चकमा देते हुए मेरठ के काशी टोल प्लाजा तक पहुंच गए.

काशी टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोका

चंद्रशेखर आजाद जैसे ही मेरठ के काशी टोल प्लाजा पर पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद भारी पुलिस बल ने उन्हें फिर से रोक लिया. पुलिस अधिकारियों और चंद्रशेखर के बीच काफी देर तक बातचीत और बहस चलती रही. पुलिस प्रशासन का कहना था कि गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए उन्हें कपसाड़ जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती. आपको बात दें कि घटना के बाद से पूरे गांव को इस वक्त छावनी में तब्दील कर दिया गया है और चारों तरफ बैरियर लगा दिए गए हैं.

सीएम योगी पर कसा तंज

इस बीच चंद्रशेखर आजाद ने मीडिया से बात करते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा था कि बेटियों का अपमान करने वालों के लिए हर चौराहे पर यमराज खड़ा है. लेकिन मेरठ की घटना के 52 घंटे बीत जाने के बाद भी वो यमराज कहां सो रहा है? उन्होंने सवाल किया कि क्या यमराज छुट्टी पर हैं या गहरी नींद में हैं. चंद्रशेखर ने मांग की है कि उन्हें परिवार से मिलने दिया जाए ताकि वह उनका पक्ष संसद और जनता के सामने रख सकें.

प्रदेश का राजनीतिक माहौल गर्म

इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है. बसपा प्रमुख मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही बयान जारी कर चुके हैं. वहीं स्थानीय सपा विधायक अतुल प्रधान और भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम भी सक्रिय हैं. संगीत सोम के आर्थिक मदद वाले बयान पर पलटवार करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि वह राजनीति करने नहीं बल्कि पीड़ित परिवार का दर्द बांटने आए हैं. उन्होंने साफ किया कि वह संवैधानिक तरीके से परिवार से मिलना चाहते हैं, चाहे प्रशासन कहीं भी मुलाकात कराए.

क्या है  पूरा मामला?

गौरतलब है कि 8 जनवरी की सुबह की कपसाड़ गांव में एक दलित महिला अपनी बेटी के साथ खेत पर जा रही थी. आरोप है कि इस दौरान गांव के ही दबंगों ने उन पर हमला कर दिया. इस हमले में मां गंभीर रूप से घायल हो गई और आरोपी बेटी को किडनैप कर ले गए. इस बीच इलाज के दौरान अस्पताल में मां की मौत हो गई. वहीं,  लड़की का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है. पुलिस ने इस मामले में पारस राजपूत के शख्स को  मुख्य आरोपी बनाया है.

इनपुट : उस्मान चौधरी और मयंक 

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