जूते-बेल्ट से पीटा, कपड़े उतरवाकर 'चोली के पीछे' गाने पर कराया डांस! दिग्विजय भाटी के आरोपों पर मेरठ पुलिस ने सुनाई नई कहानी

उस्मान चौधरी

22 Aug 2026 (अपडेटेड: Aug 22 2026 9:59 AM)

मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी ने तत्कालीन एसएसपी और पुलिसकर्मियों पर मारपीट व थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाया है. उन्होंने जूते-बेल्ट से पीटने और जबरन डांस कराने का दावा किया. पुलिस ने आरोपों से अलग चोटों की वजह स्कूटी फिसलना बताई है. ADG ने मामले की जांच DIG सहारनपुर को सौंपी है.

Digvijay Bhati
Digvijay Bhati
Google CTA

मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि 19 अगस्त को एसएसपी कार्यालय में उनके साथ मारपीट की गई. इसके बाद उन्हें SOG कार्यालय ले जाया गया, जहां भी कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया. भाटी ने पुलिसकर्मियों पर जूते और बेल्ट से पीटने, हाथ-पैर बांधने और जबरन डांस कराने का आरोप लगाया है.

Read more!

मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हलचल है. हालांकि पुलिस की कहानी इससे अलग है. पुलिस का कहना है कि भाटी और उनके साथी को चोटें स्कूटी फिसलने की वजह से लगी थीं. अब ADG मेरठ जोन ने पूरे मामले की जांच DIG सहारनपुर को सौंप दी है.

एसएसपी से मिलने पहुंचे थे किसान नेता

भारतीय किसान यूनियन बीआर अंबेडकर के नेता दिग्विजय भाटी के मुताबिक, 19 अगस्त को वह अपने साथी मोहित जाटव के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे थे. दोनों मोहित जाटव से जुड़े एक मामले को लेकर तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे से बातचीत करना चाहते थे. भाटी का कहना है कि पहले फोन पर बात हुई थी और उन्हें कार्यालय आने के लिए कहा गया था.

भाटी के अनुसार, एसएसपी कार्यालय पहुंचने के बाद बातचीत के दौरान विवाद हो गया. इसके बाद उन्हें केबिन में ले जाया गया. उनका आरोप है कि वहीं उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई.

जूते और बेल्ट से पीटने का आरोप

दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया कि केबिन के अंदर उन्हें जूते, बेल्ट और लात-घूंसों से मारा गया. उनका कहना है कि उन्होंने एसएसपी से छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन कथित तौर पर मारपीट नहीं रुकी.

भाटी का दावा है कि एक जूता उनकी आंख पर लगा. इसके बाद आंख में गंभीर चोट आई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाद में उन्हें SOG कार्यालय ले जाया गया, जहां भी उनके साथ मारपीट की गई.

हाथ-पैर बांधकर ऊपर लटकाने का दावा

भाटी के मुताबिक, SOG कार्यालय में उनके हाथ-पैर बांध दिए गए और उन्हें ऊपर लटकाकर पीटा गया. उन्होंने इसे थर्ड डिग्री बताया है. उनका कहना है कि इस दौरान उन्हें कई तरह से प्रताड़ित किया गया.

किसान नेता ने दावा किया कि मारपीट के दौरान उनके शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं. कान में भी चोट लगी और बाद में उन्हें सुनने में परेशानी हुई.

'चोली के पीछे' गाने पर डांस कराने का आरोप

दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें अपमानित करने के लिए जबरन डांस कराया. उनके मुताबिक, पहले उनसे डांस करने को कहा गया और फिर दोबारा डांस कराया गया.

भाटी का दावा है कि इसी दौरान फिल्मी गाना 'चोली के पीछे क्या है' चलाया गया. उन्होंने कहा कि वह इस स्थिति से बेहद परेशान थे और लगातार चीखते रहे. उनका दावा है कि उनकी हालत इतनी खराब हो गई थी कि उनकी आवाज तक बैठ गई.

आंख और कान में चोट का दावा

भाटी ने बताया कि मारपीट के दौरान उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें पानी दिया गया. उनका आरोप है कि बेहोशी जैसी हालत में उन्हें बहुत कम मात्रा में पानी पिलाया गया.

उन्होंने दावा किया कि उनकी आंख की चोट को लेकर डॉक्टर को बुलाया गया था. डॉक्टर ने आंख की स्थिति की जांच की. भाटी के मुताबिक, घटना के बाद सिर और शरीर में भी कई जगह परेशानी हुई और उन्हें इलाज के लिए डॉक्टर को दिखाना पड़ा.

मोहित जाटव के मामले को लेकर पहुंचे थे

दिग्विजय भाटी का कहना है कि वह मोहित जाटव के खिलाफ दर्ज मामले को लेकर एसएसपी से मिलने गए थे. उनका आरोप है कि मोहित के खिलाफ गलत तरीके से मुकदमा और हिस्ट्रीशीट खोलने की बात को लेकर वह अधिकारियों से बातचीत करना चाहते थे.

भाटी ने ललिता गौतम मामले में खुद को आरोपी बनाए जाने पर भी सवाल उठाया. उनका कहना है कि इस मामले में उन्होंने न कोई बातचीत की और न ही कोई भूमिका निभाई. इसके बावजूद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ अन्य मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन उनका दावा है कि इनमें उन्होंने कोई गंभीर अपराध नहीं किया है.

पुलिस ने बताया स्कूटी फिसलने से लगी चोट

दूसरी ओर, पुलिस की ओर से इस मामले में अलग जानकारी सामने आई है. पुलिस का कहना है कि दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव 19 अगस्त को अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे के संबंध में पुलिस कार्यालय आए थे.

पुलिस के मुताबिक, दोनों के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं. पुलिस का दावा है कि दोनों को चोटें स्कूटी फिसलने की वजह से लगी थीं. इस संबंध में उनके लिखित आवेदन और जनरल डायरी में दर्ज सूचना का भी हवाला दिया गया है.

हालांकि, दिग्विजय भाटी पुलिस के इस दावे को गलत बता रहे हैं. उनका कहना है कि अगर वह स्कूटी से गिरकर घायल हुए थे तो साढ़े 11 बजे के बाद की उनकी लोकेशन और CCTV फुटेज सामने लाए जाएं.

भाटी ने FIR दर्ज करने की मांग की

दिग्विजय भाटी का कहना है कि उन्हें जांच से कोई आपत्ति नहीं है. उनकी मांग है कि पहले उनके आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाए और उसके बाद निष्पक्ष जांच हो.

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाए गए हैं तो उनके खिलाफ FIR दर्ज क्यों नहीं की जा रही. भाटी का कहना है कि जांच में आरोप गलत साबित होते हैं तो यह भी सामने आ जाएगा. अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि वह जांच में जरूरी जानकारी और बिंदु उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं. उनका दावा है कि 19 अगस्त को सुबह 11:30 बजे एसएसपी कार्यालय में उनकी मौजूदगी का रिकॉर्ड भी देखा जा सकता है.

ADG ने DIG सहारनपुर को सौंपी जांच

मामला सामने आने के बाद ADG मेरठ जोन भानु भास्कर ने जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि 19 अगस्त को एसएसपी कार्यालय में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच स्थिति बिगड़ी और बल प्रयोग हुआ.

ADG ने मामले की जांच सहारनपुर रेंज के DIG अभिषेक सिंह को सौंपी है. DIG संबंधित लोगों से बातचीत करेंगे. घटनास्थल का निरीक्षण भी किया जाएगा. इसके अलावा उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच होगी. इसके बाद रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी जाएगी.

ADG के मुताबिक, जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मामले में सामने आए तथ्यों को संज्ञान में लेकर प्रारंभिक और विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं.

सपा प्रतिनिधिमंडल ने भी उठाया मामला

मामले को लेकर सपा के प्रतिनिधिमंडल और कुछ जनप्रतिनिधियों ने भी अधिकारियों से मुलाकात की. उन्हें बताया गया कि पूरे मामले की जांच DIG सहारनपुर को सौंपी गई है. जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी.

किसान नेता के आरोप सामने आने के बाद मामला राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाटी का वीडियो साझा कर पुलिस पर सवाल उठाए और जांच के साथ कार्रवाई की मांग की.

पहले भी विवादों में रहे तत्कालीन एसएसपी

दिग्विजय भाटी का मामला सामने आने से पहले तत्कालीन मेरठ एसएसपी अविनाश पांडे को लेकर एक प्रदर्शनकारी की कथित पिटाई का मामला भी सामने आया था. घटना का वीडियो वायरल हुआ था और इसे लेकर पुलिस पर सवाल उठे थे. इसके बाद दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव की कथित पिटाई का मामला सामने आया. दोनों ने पुलिस पर मारपीट और थर्ड डिग्री देने के आरोप लगाए. मामला बढ़ने के बाद अविनाश पांडे को मेरठ एसएसपी पद से हटाकर मुख्यालय से अटैच कर दिया गया. इसके बाद मेरठ में नए एसएसपी की नियुक्ति की गई.

Divya Mishra Murder Case: 'वो तो बहुत डरपोक था'...मानस के मामा अवधेश बाजपेई ने किए बड़े खुलासे, दिव्या को लेकर कही ये बात