Meerut Lady Sub Inspector Anu Collis Suspended: उत्तर प्रदेश के मेरठ में कथित आपत्तिजनक वीडियो और रील बनाने के मामले में निलंबित की गई महिला दारोगा अनु कॉलिस पहली बार सार्वजनिक रूप से कैमरे के सामने आई हैं. सोशल मीडिया पर लाइव आकर उन्होंने न सिर्फ अपनी सफाई दी, बल्कि अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर गहरा दर्द और बेबसी भी जाहिर की. अनु ने कहा कि इस विवाद ने उन्हें मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया है और वे डिप्रेशन के दौर से गुजर रही हैं.
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जानें क्या है पूरा मामला और अनु का पक्ष?
16 अगस्त को सोशल मीडिया पर महिला दारोगा अनु कॉलिस का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था. वीडियो के आधार पर उन पर पुलिस आचरण नियमावली और सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन का आरोप लगा. तत्कालीन एसएसपी के आदेश पर अनु कॉलिस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था. साल 2023 बैच की दारोगा अनु इससे पहले रोटा और ब्रह्मपुरी थाने में तैनात रह चुकी हैं.
विवाद के बाद पहली बार सामने आईं अनु ने उन्हीं कपड़ों में लाइव वीडियो बनाया, जिस फ्रॉक को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हुई थी. उन्होंने साफ किया कि वह एक रोमन कैथोलिक और एंग्लो-इंडियन परिवार से आती हैं, और उनके घर में ऐसे कपड़े पहनना बिल्कुल आम बात है. उन्होंने कहा, "जब मेरे पिता, भाई और मां को मेरे कपड़ों से कोई परेशानी नहीं है, तो दूसरों को इससे क्या दिक्कत है?"
"यूट्यूब पर सेक्स चैट कैसे संभव है?"
अनु कॉलिस ने उन आरोपों का कड़ाई से खंडन किया जिसमें कहा गया था कि वह अपने यूट्यूब चैनल पर सेक्स चैट करती हैं और आपत्तिजनक वीडियो बनाती हैं. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, "क्या यूट्यूब सेक्स चैट प्रमोट करता है? अगर कोई साबित कर दे कि यूट्यूब पर सेक्स चैट हो सकती है, तो मैं आज ही अपने पद से इस्तीफा दे दूंगी."
अनु ने एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पर सीधा आरोप लगाया कि उसने बिना सच्चाई जाने, सिर्फ व्यूज और पब्लिसिटी के लिए उनके कैरेक्टर की धज्जियां उड़ा दीं. अनु ने बताया कि वीडियो में जो QR कोड दिख रहा था, वह कोई आपत्तिजनक लिंक नहीं बल्कि उनके इंस्टाग्राम हैंडल का क्यूआर कोड था, जिसे फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए स्क्रीन पर लगाया गया था. उन्होंने कहा कि इन्फ्लुएंसर को आरोप लगाने से पहले कम से कम उस क्यूआर कोड की जांच करनी चाहिए थी.
"मैं कोई अनपढ़ लड़की नहीं हूं"
भावुक अनु कॉलिस ने बताया कि सरकारी नौकरी पाना आसान नहीं होता. स्कूल और कॉलेज में वह हमेशा एक होनहार छात्रा रही हैं और यह उनकी दूसरी सरकारी नौकरी है. उन्होंने कहा, "मैं कोई अनपढ़ गंवार लड़की नहीं हूं कि मुझे सोशल मीडिया की गाइडलाइंस का पता न हो. मैं खुद को एक साइबर विक्टिम मानती हूं, जिसकी छवि एक गलत वीडियो और नैरेटिव के कारण खराब कर दी गई."
अनु ने यह भी साझा किया कि जब वह अपने एक सीनियर इंस्पेक्टर के पास गईं, जिनका वह बहुत सम्मान करती थीं, तो उन्होंने भी अनु को सुनाते हुए कहा कि उसने विभाग की छवि खराब की है. अनु ने कहा कि वह कितने लोगों को सफाई देंगी कि उनके साथ गलत हुआ है.
फिलहाल, अनु कॉलिस का यह भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. पुलिस विभाग और साइबर सेल मामले की जांच कर रही है, और देखना यह होगा कि इस पूरी बहस और जांच का अंतिम नतीजा क्या निकलता है.
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