Nikki Bhati Case Update: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा का वो चर्चित निक्की भाटी हत्याकांड, जिसने अगस्त 2025 में पूरे देश को हिलाकर रख दिया था, उसमें अब 9 महीने बाद एक ऐसा हैरान करने वाला मोड़ आया है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. जो मामला अदालती चौखट और पुलिस एनकाउंटर तक पहुंच गया था, वो अब अचानक बंद कमरों और पंचायतों के जरिए खत्म होने की कगार पर आ गया है.
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दावा किया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच 'समझौता' हो गया है, जिसके बाद मृतका की बड़ी बहन कंचन भाटी वापस अपनी उसी ससुराल लौटने जा रही हैं, जिस पर उन्होंने अपनी बहन की हत्या का संगीन आरोप लगाया था.
क्या था पूरा निक्की भाटी हत्याकांड?
तारीख थी 21 अगस्त 2025, जब ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में निक्की भाटी की उसकी ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. निक्की की मौत के बाद उसकी बड़ी बहन कंचन भाटी (जो रिश्ते में निक्की की जेठानी भी लगती हैं) ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और हत्या के बेहद गंभीर आरोप लगाए थे.
कंचन ने आरोप लगाया था कि निक्की के सोशल मीडिया पर रील बनाने और ब्यूटी पार्लर चलाने को लेकर ससुराल वाले लगातार मारपीट करते थे. दहेज की मांग पूरी न होने पर निक्की को मौत के घाट उतार दिया गया. इस मामले में पुलिस ने कड़े एक्शन लेते हुए एनकाउंटर के बाद आरोपी पति विपिन भाटी, ससुर और जेठ (कंचन के पति) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
9 महीने बाद महापंचायत और सबसे बड़ा यू-टर्न
अब इस घटना के 9 महीने बीत चुके हैं और केस में अचानक सबसे बड़ा ट्विस्ट आ गया है. जानकारी के मुताबिक, सिरसा गांव में दोनों पक्षों की मौजूदगी में एक बड़ी पंचायत बैठी. कई दौर की लंबी बातचीत के बाद दोनों परिवारों के बीच एक लिखित सहमति बनी है.
इस समझौते के तहत, मायका पक्ष (निक्की भाटी के घरवाले) अब ससुराल वालों के खिलाफ दर्ज कराए गए हत्या और दहेज प्रताड़ना के तमाम मुकदमों को वापस लेने जा रहा है. इसके लिए बहुत जल्द कोर्ट में एक एफिडेविट (हलफनामा) दाखिल कर सभी केसेस को कानूनी रूप से खत्म करवा दिया जाएगा.
ससुराल लौटेंगी कंचन भाटी, बच्चों के नाम होगी प्रॉपर्टी
इस समझौते का दूसरा और सबसे हैरान करने वाला अपडेट यह है कि कंचन भाटी अब अपने बच्चों और मृतका निक्की भाटी के बेटे को लेकर वापस अपनी उसी ससुराल में रहने जाएंगी. वर्तमान में इस हत्याकांड के सभी मुख्य आरोपी (पति विपिन भाटी, ससुर और जेठ) जेल से जमानत पर बाहर आ चुके हैं.
पारिवारिक सूत्रों और पंचायत के दावों के अनुसार, यह समझौता बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर किया गया है. समझौते के तहत निक्की भाटी के मासूम बेटे और कंचन के बच्चों के हक को सुरक्षित करने के लिए उनके नाम पर प्रॉपर्टी (जायदाद) ट्रांसफर करने पर सहमति बनी है. परिवार के लोगों का कहना है कि बच्चों के पारिवारिक हितों और उनके अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए ही यह बड़ा और कड़ा फैसला लिया गया है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो?
9 महीने पहले जब यह घटना हुई थी, तब निक्की और कंचन भाटी के रोने, प्रताड़ना और मारपीट के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. कंचन भाटी लगातार मीडिया के सामने आकर न्याय की भीख मांग रही थीं. लेकिन अब सभी आरोपियों के जेल से बाहर आने और पंचायत में समझौता होने के बाद इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस का अंत कानूनी लड़ाई के बजाय आपसी समझौते से होता दिख रहा है, जिसे लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं आम हैं.
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