कौन थे 27 साल के इंजीनियर युवराज मेहता? पिता के सामने 2 घंटे तड़पकर तोड़ा दम, सिस्टम की लापरवाही ने ली जान

अरुण त्यागी

20 Jan 2026 (अपडेटेड: Jan 20 2026 3:11 PM)

Noida Software Engineer Death: 27 साल के डेटा इंजीनियर युवराज मेहता की नोएडा सेक्टर 150 में निर्माणाधीन मॉल के गहरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई. बैरिकेडिंग की कमी, कोहरा और सिस्टम की लापरवाही ने ली जान. जानिए कौन है युवराज मेहता और उसके फैमिली की पूरी कहानी.

Engineer Yuvraj Mehta Dies Due to Negligence
नोएडा सेक्टर 150 में हादसे में जान गंवाने वाले इंजीनियर युवराज मेहता
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Software Engineer Yuvraj Mehta: नोएडा सेक्टर 150 में 16 जनवरी की रात एक ऐसी घटना घटी जिसने न केवल एक परिवार को तबाह कर दिया, बल्कि प्रशासन की लापरवाही को भी बेनकाब कर दिया. 27 साल के होनहार डेटा इंजीनियर युवराज मेहता की एक निर्माणाधीन मॉल के 30 फीट गहरे बेसमेंट में गिरने से मौत हो गई. युवराज गुरुग्राम की एक निजी कंपनी (MASEC) में काम करते थे और शिफ्ट खत्म कर घर लौट रहे थे.

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'पापा बचा लो...' आखिरी कॉल और बेबस पिता

रात करीब 12:30 बजे, घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी जीरो थी. सड़क किनारे निर्माणाधीन मॉल के पास कोई बैरिकेडिंग या रिफ्लेक्टर नहीं था. अपनी सोसाइटी (टाटा यूरेका) के पास पहुंचते ही युवराज की बाइक सड़क से उतरकर सीधे पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गि.। गिरने के बाद युवराज ने तुरंत अपने पिता राजकुमार मेहता को फोन किया और कहा, 'पापा मुझे बचा लो, मैं गड्ढे में गिर गया हूं.'

पिता मौके पर पहुंचे, लेकिन घने कोहरे और अंधेरे के कारण उन्हें कुछ दिखाई नहीं दिया. युवराज ने अपने फोन की टॉर्च जलाकर अपनी लोकेशन बताई. पुलिस और रेस्क्यू टीम भी पहुंची, लेकिन जरूरी संसाधनों की कमी और लाचार सिस्टम के चलते 2 घंटे तक युवराज जिंदगी की भीख मांगते रहे और अंत में तड़प-तड़प कर उनकी जान चली गई.

2 साल पहले मां को खोया, अब पिता रह गए अकेले

युवराज का परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है. दो साल पहले ही उनकी मां का निधन हुआ था, जिससे परिवार पूरी तरह टूट गया था. युवराज की बड़ी बहन यूके (UK) में रहती हैं. घर में केवल युवराज और उनके पिता ही थे. दोस्तों के मुताबिक, युवराज बहुत ही आज्ञाकारी बेटा थे और अपने पिता की सेहत का बहुत ख्याल रखते थे.

प्रशासन की 'देर से जागी' कार्रवाई

हादसे के बाद मचे बवाल के बीच नोएडा प्राधिकरण ने ट्रैफिक सेल के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी हैं और कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. लोटस बिल्डर के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए गए हैं. पिता का आरोप है कि यहां पहले भी हादसे हो चुके थे, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए.

योगी सरकार एक्शन में, कई को पदों से हटाया

आपको बता दें कि इस मामले में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ एक्शन मोड में आ गए है. सीएम ने बड़ा फैसला लेते हुए नोएडा अथॉरिटी के सीईओ और आईएएस अधिकारी एम. लोकेश को पद से हटा दिया है. इसके साथ ही, पूरे प्रकरण की गहराई से जांच के लिए SIT का गठन कर दिया गया है. अपनी कार्यशैली के लिए चर्चित रहे एम. लोकेश पर गिरी इस गाज ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है.

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