ओम प्रकाश राजभर के बयान पर भड़का गाजीपुर, जानें जनता और पत्रकारों ने क्या कहा

विनय कुमार सिंह

• 03:54 PM • 04 Nov 2026

यूपी सरकार में मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के बांदा में दिए गए विवादित बयान पर गाजीपुर की जनता और स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

ओम प्रकाश राजभर
ओम प्रकाश राजभर
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उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर अपने बयानों को लेकर एक बार फिर विवादों में हैं. बांदा में आयोजित जन अधिकार रैली के दौरान राजभर ने जनता को संबोधित करते हुए खुद को "देश का सबसे बड़ा गुंडा" बता डाला. इतना ही नहीं, उन्होंने मंच से यह भी कह दिया कि पूर्वांचल के बड़े बाहुबली और माफिया जैसे मुख्तार अंसारी, बृजेश सिंह, धनंजय सिंह और अभय सिंह उनके यहां आकर दरबार लगाते थे.

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ओम प्रकाश राजभर के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है. गाजीपुर की जहूराबाद सीट से दूसरी बार विधायक बने राजभर के इस बयान पर जब UP Tak ने गाजीपुर के साईं मंदिर घाट पर आम जनता, व्यापारियों, छात्रों और पत्रकारों से बात की, तो लोगों ने मंत्री के बयान पर जमकर अपनी भड़ास निकाली.

'यह सिर्फ सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का स्टंट'

गाजीपुर के स्थानीय निवासी रमेश कुमार पांडे ने कहा कि ओम प्रकाश राजभर खुद को माफिया बताकर पब्लिसिटी हासिल करना चाहते हैं. उन्होंने कहा, "राजनीति में इस तरह की बातें शोभा नहीं देतीं. वे भाजपा में अपनी पकड़ और निकटता बनाए रखने के लिए इस तरह के फ्रंट-फुट स्टंट कर रहे हैं. जिन बाहुबलियों का वे नाम ले रहे हैं, वे सब एक शादी समारोह में मिले थे, कोई दरबार लगाने नहीं आया था. यह 2027 चुनाव से पहले सहयोगी दलों पर ज्यादा से ज्यादा सीटें हासिल करने का राजनीतिक दबाव है."

मंत्री खुद को गुंडा बता रहे'

स्थानीय व्यापारी सुनील कुमार गुप्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा, "एक तरफ योगी जी कहते हैं कि यूपी से गुंडों को भगाना है, वहीं उनके साथ सरकार में बैठे मंत्री खुद को देश का सबसे बड़ा गुंडा बता रहे हैं. यह हंसी की बात है. जनता को शांति, सुरक्षा और दो वक्त की रोटी चाहिए, न कि नफरत और गुंडागर्दी का प्रदर्शन."

छात्रों ने कहा- 'भय का माहौल बना रहे मंत्री'

गाजीपुर के एक छात्र अभिषेक कुमार ने कहा कि चुनाव से पहले राजभर ऐसे बयानों के जरिए डर और भय का माहौल बनाना चाहते हैं. "पिछली बार उन्होंने कहा था कि बाइक पर तीन-चार लोग बैठने देंगे. जनता और युवाओं को रोजगार, बेहतर शिक्षा और निष्पक्ष परीक्षाओं की जरूरत है, न कि इस तरह के बयानों की. अगर गुंडा ही सुरक्षा का भरोसा दिलाएगा तो पुलिस और कानून व्यवस्था का क्या काम?"

पत्रकार और वरिष्ठ नागरिकों की राय

वरिष्ठ जर्नलिस्ट शशिकांत तिवारी ने कहा कि यूपी सरकार अपराध के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति पर काम करती है. ऐसे में सरकार के ही मंत्री का खुद को गुंडा बताना पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है. उन्होंने कहा कि राजभर जिन लोगों का नाम ले रहे हैं (जैसे मुख्तार अंसारी अब दुनिया में नहीं हैं), उनका जिक्र केवल अपने समर्थकों में ऊर्जा भरने के लिए किया जा रहा है. राजभर को अपने क्षेत्र में शिक्षा, अस्पताल और रोजगार पर बात करनी चाहिए, न कि खुद को गुंडा बताकर जनता को गुमराह करना चाहिए.

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