'नेताओं को एक स्क्रिप्ट....' अखिलेश यादव से रात के अंधेरे मुलाकात के दावों पर ओपी राजभर के बेटे अरुण राजभर ने बताई असल बात !

सुषमा पांडेय

18 Jun 2026 (अपडेटेड: Jun 18 2026 2:55 PM)

क्या ओपी राजभर के बेटे अरुण राजभर ने अखिलेश यादव से गुपचुप मुलाकात कर सुभासपा के सपा में विलय का प्रस्ताव रखा है? जानिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस खबर का पूरा सच और अरुण राजभर का पलटवार.

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सुभासपा के सपा में विलय के दावों पर ओपी राजभर के बेटे अरुण राजभर ने तोड़ी चुप्पी.
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UP news : उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसा दावा वायरल हो रहा है जिसने राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है. सपा प्रवक्ताओं और सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा दावा किया जा रहा है कि ओपी राजभर के बेटे अरुण राजभर ने रात के अंधेरे में अखिलेश यादव से गुपचुप मुलाकात की है. 

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सपा का दावा: 'दबाव में हैं ओपी राजभर, बेटे मांग रहे माफी' 

इस पूरे विवाद को हवा तब मिली जब समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुद्दीन हसन चांद ने मीडिया के सामने आकर बयान दिया और सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. उन्होंने दावा किया कि ओम प्रकाश राजभर के दोनों बेटे रात के अंधेरे में अखिलेश यादव से मिलने पहुंचे थे. सपा प्रवक्ता के मुताबिक, राजभर के बेटों ने अखिलेश यादव के हाथ-पैर जोड़कर सुभासपा का समाजवादी पार्टी में विलय करने की गुहार लगाई. 

सपा का आरोप है कि ओपी राजभर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भारी दबाव और ब्लैकमेलिंग में हैं, इसी तनाव के कारण वह लगातार अखिलेश यादव के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर एआई (AI) द्वारा निर्मित तस्वीरें भी वायरल की गईं, जिसमें राजभर के बेटों को अखिलेश यादव के सामने हाथ जोड़े या लिफाफा सौंपते हुए दिखाया गया. 

अरुण राजभर ने बताया वायरल खबरों का पूरा सच 

इन तमाम अटकलों और दावों पर खुद सुभासपा नेता अरुण राजभर ने सामने आकर स्थिति साफ की है. अरुण राजभर ने सपा के दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश और स्क्रिप्टेड ड्रामा करार दिया है. 

अरुण राजभर ने कहा, "यह सब पूरी तरह झूठ है. समाजवादी पार्टी के नेताओं को एक स्क्रिप्ट दे दी गई है ताकि वे जनता का ध्यान भटका सकें." उन्होंने सबूत के तौर पर बताया कि जिस रात की मुलाकात का दावा किया जा रहा है, उस रात वह खुद समाजवादी पार्टी के गढ़ आजमगढ़ की अतरौलिया विधानसभा में रात के 1 बजे तक स्थानीय लोगों और ब्राह्मण समाज के साथ बैठक कर रहे थे. उन्होंने कहा कि उनके सोशल मीडिया हैंडल (फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम) पर इसकी लाइव तस्वीरें मौजूद हैं. 

अरुण राजभर ने उलटा सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि अखिलेश यादव की पार्टी खुद बिखराव की कगार पर है और उनके कई सांसद भाजपा के संपर्क में हैं. इसी डर की वजह से सपा इस तरह की भ्रामक खबरें फैला रही है. 

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